प्रवासी मजदूरों के इंतजार में नवापुर में खड़ी हैं 169 बसें, वाहन चालकों के खाने पीने की नहीं की गई व्यवस्था | New India Times

जुनैद काकर, धुले/नंदुरबार (महाराष्ट्र), NIT:

प्रवासी मजदूरों के इंतजार में नवापुर में खड़ी हैं 169 बसें, वाहन चालकों के खाने पीने की नहीं की गई व्यवस्था | New India Times

गुजरात राज्य से मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार जाने वाले प्रवासी मजदूरों का सिलसिला थम गया है। प्रबंध के अभाव में बॉर्डर पर सैकड़ों लोगों का जमवाड़ा जमा है जिसके कारण नंदुरबार जिले में कोरोना फैलने की आशंका स्थानीय नागरिकों ने जताई है।

एसटी और परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण सैकड़ो एसटी बसें प्रवासी मजदूरों के इंतज़ार में खड़ी हैं लेकिन दूर-दूर तक मजदूरों का अता पता नहीं है। इतनी सारी बसें मंगाने से पहले प्रशासन को गुजरात सरकार से प्रवासी मजदूरों की संख्या और उनकी उपस्थिति की जानकारी करनी थी लेकिन ऐसा नहीं किया जिसके चलते नवापुर चेक पोस्ट पर अराजकता का माहौल है। पुलिस अधीक्षक ने भोजन की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।

लॉक डाउन के कारण गुजरात में फंसे हजारों मजदूर महाराष्ट्र के नवापुर से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार जाने वाले आरटीओ परिवहन चेक पोस्ट बेडकी पाड़ा से उनके गंतव्य स्थान मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पार करीब 16 हजार प्रवासी मजदूरों को एसटी बस से भेजा गया था। गत तीन दिनों से यह सिलसिला थम सा गया है।

प्रवासी मजदूरों के इंतजार में नवापुर में खड़ी हैं 169 बसें, वाहन चालकों के खाने पीने की नहीं की गई व्यवस्था | New India Times

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार धुलिया संभागीय एसटी निगम की अधिकारी मनीषा सपकाल और नवापुर आरटीओ के संबंध के अभाव में 225 एसटी बसों को नवापुर चेक पोस्ट पर बुलाया गया है जिसमें प्रवासी मजदूर के अभाव में 169 बसें खड़ी हुई हैं जिसके चलते चेक पोस्ट पर बड़े पैमाने पर वाहन चालक और कंडक्टर की भीड़ इकट्ठा हो गई है। इस अराजक स्थिति का निरीक्षण करने नंदुरबार पुलिस अधीक्षक महेंद्र पंडित ने आरटीओ चेक पोस्ट का जायजा लिया और उपस्थित सेवाओं की जानकारी प्राप्त की है। वहीं पर एसटी बस चालकों ने खाने पीने और सोने की व्यवस्था नहीं करने की शिकायत की है। वह खुली जमीन पर सोने और बासी रोटी खाने को विवश हैं इस तरह की प्रतिक्रिया उन लोगों ने व्यक्त की है।

By nit

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