यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

सिक्ख समाज, जागृति सेवा समिति और पीतांबरा भक्त मंडल की ओर से प्रवासी लोगों को जलपान उपलब्ध कराया गया। समाजसेवियों के द्वारा प्रवासी लोगों को भोजन की पैकेट, पानी पाउच, बिस्कुट, नमकीन, केले, दूध, चाय आदि का वितरण किया गया। विदित है कि इस समय कोरोना संकट के कारण स्थितियां बिगड़ रही हैं और प्रवासी लोग जो एक दूसरे स्टेट या जिलों में फंसे हुए हैं, वे धीरे-धीरे अपने घर को पलायन करने लगे हैं। कुछ लोग तो ट्रक या अन्य साधनों से तो कुछ लोग पैदल ही चल कर कई किलोमीटर चलकर अपने घर पर पहुंच रहे हैं। समाजसेवियों, स्वयंसेवकों और विभिन्न संस्था द्वारा ऐसे प्रवासी लोगों को जगह जगह रोक कर भोजन पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। यही नहीं मिलिट्री स्कूल के प्राचार्य नीलेश इंगले विगत 23 मार्च से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि इस कोरोना महामारी को भगाने में सभी का सहयोग जरूरी है। लेकिन इस समय जो प्रवासी लोग अपने घरों को पलायन कर रहे हैं, उनकी जहां तक हो सभी लोग मदद करें। उन्हें भोजन पानी उपलब्ध कराएं, यही सबसे बड़ी मानव सेवा है। नवोदय स्कूल के प्राचार्य बीएस बघेल ने कहा कि जिस तरह से भी हो प्रवासी लोगों की तथा अन्य लोग जो भूखे पेट हैं उनको भोजन कराएं। हमें कोरोना को हराना है न कि लोगों को। जागृति समिति के दयाकांत सक्सेना ने कहा कि कोरोना एक महामारी है, जिससे पूरा विश्व ही जूझ रहा है। लेकिन इस समय सभी को धैर्य की जरूरत है। सरकार की ओर से जारी सारे निर्देशों का पालन करें और लोगों को भी जागरूक करें। गुरुद्वारा शेख शिकार मचकुंड के महंत ठाकुर सिंह ने कहा कि सिक्ख समाज की ओर से प्रवासी लोगों को ही नहीं अन्य भूखे पेट लोगों की लगातार सेवा की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से हम सबको लड़ना है और अपने देश को जिताना है। सिक्ख समाज के अर्जुन सिंह ने कहा कि जब तक हर प्रवासी अपने घर नहीं पहुंच जाता, सेवाएं जारी रहेंगी। इसके साथ ही समाजसेवी मुकेश सक्सेना, रवि शिवहरे, विनोद कुमार, राजीव तोमर, योगेश कांत, दर्शन सिंह, यीशु कांत, दीपू वर्मा, कमलजीत सिंह, राजकुमार, गुरमीत मान आदि ने तपती धूप में सड़कों पर खड़े होकर प्रवासी लोगों की सेवा की और उन्हें भोजन पानी उपलब्ध कराया।
