मोहम्मद मुज़म्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव नगर के गली मोहल्ले में स्थित किराना दुकानों से लाक डाउन दौरान गरीब एवं मजदूर वर्ग आशिक रुप से खाद्य सामग्री खरीद कर अपना जीविका चलाने को मजबूर है। वहीं क्षेत्रवासियों से मिली जानकारी के अनुसार दुकानदार एक और दो रुपए के सिक्के लेने से इंकार कर रहे हैं। जहां एक ओर कोरोना वायरस एवं लाॅक डाउन के कारण लोगों के आय के स्रोत बन्द हैं उसमें भी सबसे बड़ी समस्या का सामना गरीब एवं मजदूर वर्ग को करना पड़ रहा है बावजूद उसके सिक्के लेने से मना कर लोगों को आर्थिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। एक और दो रुपए के सिक्के भारतीय मुद्रा हैं और भारत सरकार ने इन्हें बन्द करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है उसके बाद भी कोई सिक्के लेने से इंकार करता है तो वह भारतीय मुद्रा का अपमान कर रहा है। गली मोहल्ले में रहने वाले लोग अपने आसपास के ही व्यवसाइयों से खाद्य सामग्री खरीदते हैं, उनके द्वारा सिक्के लेने से इंकार करने के बावजूद भी मोहल्ले व पड़ोसी कारण शिकायत करने के लिए भी लोग आगे नहीं आ पाते हैं। प्रशासन को ऐसे लोगों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
