सद्दाम हुसैन, लखनऊ (यूपी), NIT:

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए 43 दिन पूर्व 25 मार्च को पूरे देश में लागू किए गए सम्पूर्ण लाक डाउन का आज 43वां दिन लखनऊ शहर में भीड़भाड़ वाला दिन रहा। लाॅक डाउन के 40 दिन तो शहर में सन्नाटे भरे दिन गुज़रे लेकिन 40 दिन पूरे होने के बाद जब तीसरे चरण का लाक डाउन शुरू हुआ तो 41 वें दिन देश मे शराब की दुकानें खुलने से सोशल डिस्टेंसिग की धज्जियां उड़ाते हुए शराब की दुकानों पर भीड़ देखी गई साथ ही सड़कों पर गाड़ियों की भीड़ भी बढ़ गई। लाक डाउन के 42वें दिन लखनऊ के ज़िलाधिकारी के आदेश पर शहर में प्राइवेट कार्यालयों को सशर्त खोले जाने की अनुमति के बाद शहर में लाॅक डाउन के 43वें दिन सड़कों पर और ज़्यादा भीड़ दिखाई पड़ी। शहर की सड़कों पर जगह जगह लगी बैरिकेटिंग पर पुलिस कर्मी तो मुस्तैद थे लेकिन आने जाने वाले किसी को भी पुलिस कर्मी रोकते टोकते नज़र नहीं आ रहे थे। लाॅक डाउन के 43वें दिन शहर में दुकानें खुलने का प्रतिशत भी कुछ ज़्यादा नज़र आया। कई बाजारों में भीड़ देख कर यह लग ही नहीं रहा था कि कोरोना वायरस को हराने के लिए शहर में लाॅक डाउन है।
लाॅक डाउन के 43वें दिन शहर में भीड़भाड़ के सम्बन्ध में डीसीपी पश्चिम सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी का कहना है कि पुलिस कर्मियों को हिदायत दी गई है कि वह बिना वजह घर से निकलने वालों से पूछताछ करें और एक मोटर साईकिल पर सवार दो व्यक्तियों से पूछताछ करें और वैधानिक कार्यवाही की जाए। उन्होंने बताया कि ज़िलाधिकारी महोदय के आदेश पर प्राइवेट कार्यालयों को सशर्त खोलने की इजाज़त मिली है इसलिए आज शहर की सड़कों पर भीड़ कुछ ज़्यादा नज़र आई है। पूरे देश में लाॅक डाउन लागू होने के बावजूद देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बुद्धवार को पूरे देश में कोरोना वायरस के मरीज़ो की संख्या 49 हज़ार के पार हो गई है जबकि कोरोना वायरस से मरने वालों का आकड़ा भारत में 1694 तक पहुंच गया है लेकिन इन सब के बीच अच्छी खबर यह है कि कोरोना से संक्रमित 14 हज़ार 183 मरीज़ पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। 30 जनवरी को भारत में कोरोना वायरस के पहले मरीज़ की पुष्टि हुई थी लेकिन तीन महीनों मे भारत में मरीजों की संख्या एक से बढ़कर 49 हज़ार पहुंचना भी बड़ी चिन्ता का विषय है।
