विपत्ति के काल में सहारा बने विधायक सुनील ऊईके, विधायक ने जारी की 4.35 लाख रुपये की सहायता राशि | New India Times

मोहम्मद मुज़म्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

विपत्ति के काल में सहारा बने विधायक सुनील ऊईके, विधायक ने जारी की 4.35 लाख रुपये की सहायता राशि | New India Times

एक तरफ जहां तमाम दिग्गज नेता खुद को चारदीवारी के बंगले में लॉक कर लिये हैं और जनता को सिर्फ फ़ेसबूक लाइव पर दर्शन दे रहे हैं, ऐसे मे छिंदवाड़ा जिले की आदिवासी विधानसभा क्षेत्र जुन्नारदेव के विधायक श्री सुनील उईके द्वारा किया जा रहा प्रयास सराहनीय है। इस वक़्त देश में फैली हुई कोरोना महामारी को देखते हुए अपने क्षेत्र के ऐसे व्यक्तियों, जिन्हें अपने दैनिक जीवन के निर्वहन हेतु आर्थिक अभावों का सामना करना पड़ रहा था उन्हें चिन्हित कर 228 व्यक्तियों को तकरीबन 4.35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई। इस बारे में विधायक सुनील उईके से बात करने पर उनका कहना था कि यह ऐसा समय है जब लोगों के पास रोजगार नहीं है, लोग दैनिक आवश्यकता की वस्तुओं के लिए परेशान हैं, सभी तरफ हर तरह के कार्य बंद होने के कारण मजदूरों को भी कोई रोजगार नहीं मिल रहा है। इन परिस्थितियों में विधायक होने के नाते मेरी नैतिक जिम्मेदारी है की मैं यथासंभव अपने क्षेत्र की जनता के काम आ सकूं और अपने इसी धर्म का निर्वहन करते हुए मैंने 228 व्यक्तियों को 4 लाख 35 हजार रुपयों की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है जो कि चैक द्वारा या आरटीजीएस द्वारा सीधे उनके बैंक खातों में जमा करवा दी जाएगी।
विदित हो कि जबसे कोरोना महामारी का प्रकोप फैला है तब से जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुनील उईके लगातार सक्रिय बने हुए हैं, अपने क्षेत्र में विशेष क्वॉरेंटाइन सेंटर, आइसोलेशन वार्ड निर्माण, कोरोना मरीजों के परिवहन हेतु स्पेशल एंबुलेंस की व्यवस्था, गरीब 5000 आदिवासी परिवारों को मास्क तथा राशन पहुंचाने की पहल श्री सुनील उईके द्वारा की गई है। इतना ही नहीं समय-समय पर सुनील उईके द्वारा विधायक की हैसियत से मुख्यमंत्री तक को विभिन्न सुझाव भेजे गए जिन्हें राज्य शासन द्वारा अमल में भी लाया गया है। राशन वितरण के कार्य में थंब इंप्रेशन आधारित प्रणाली का उपयोग बंद किया जाना इसका उदाहरण है। अपने क्षेत्र के मजदूर जो दूसरे जिलों अथवा दूसरे प्रदेशों में फंसे हुए हैं उन्हें भी वापस बुलवाने के लिए विधायक लगातार शासन के साथ संपर्क में है और ऐसे मजदूरों तक मदद पहुंचाने के प्रयास कर रहे हैं।

By nit

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