अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों की वापसी एवं सहायता के लिए शासन प्रशासन द्वारा किये जा रहे हैं अथक प्रयास | New India Times

मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों की वापसी एवं सहायता के लिए शासन प्रशासन द्वारा किये जा रहे हैं अथक प्रयास | New India Times

हमारा देश विभिन्नताओं से परिपूर्ण हैं जहाँ सभी वर्गों के लोग निवास करते हैं तथा प्रत्येक व्यक्ति अपनी आजीविका चलाने के लिए अपने-अपने स्तर से विभिन्न कार्यो का संपादन करते है वहीं ऐसे में प्रदेश के कुछ मजदूर जो काम की तलाश में अन्य राज्यों में जाते हैं तथा वहाँ मजदूरी करके अपनी आजीविका उपार्जन करते हैं।
लेकिन कोविड-19 कोरोना वायरस महामारी के चलते हुए संपूर्ण भारत वर्ष में लॉकडाउन घोषित किया गया है, जिसके कारण यह मजदूर वर्ग वहीं पर रूकने के लिए मजबूर हो गये है। इन्ही मजदूरों के बारे में सोचते हुए प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री प्रवासी सहायता योजना प्रारंभ की गई तथा जो मजदूर अन्य जिलो से अपने जिले में आना चाह रहे है उनके लिए भी जिला प्रशासन द्वारा लगातार व्यवस्था की जा रही है।

अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों की वापसी एवं सहायता के लिए शासन प्रशासन द्वारा किये जा रहे हैं अथक प्रयास | New India Times

आज दिनांक तक दूसरे राज्यों/जिलों से बुरहानपुर जिले में प्रवेश करने वाले मजदूरों की संख्या 2525 है, जिले में प्रवेश किये इन मजदूरों का मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है। विभिन्न स्थलों को चिन्हिंत कर इनकी ठहरने, भोजन, चाय नाश्ता की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गई है एवं जिले से वाहनों के माध्यम से उनके गतंव्य स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। आज दिनांक तक कुल 2399 व्यक्तियों को अपने गंतव्य स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। शेष 126 लोगों को राहत कैम्प में ठहराया गया है।
जहां प्रतिदिन इनके भोजन, दैयनंदनी व्यवस्थाएं इत्यादि का ध्यान रखा जा रहा है। अधिकतर मजदूर वर्ग महाराष्ट्र राज्य से आये हुए है जो बुरहानपुर से खण्डवा, कटनी, शहडोल, उमरिया, खरगोन आदि जिलों में बसों तथा अन्य माध्यम से सुविधानुसार अपने गंतव्य स्थलों पर पहुंचाया जा रहे है।
बुरहानपुर जिले के प्रवासी मजदूर जो महाराष्ट्र के औरंगाबाद, जलगांव, पुणे तथा सूरत गुजरात में फंसे हुए है, जिन्हें मुख्यमंत्री प्रवासी सहायता योजना के अंतर्गत सत्यापित कर उनके खाते में 1-1 हजार की सहायता राशि अंतरित की गई है। जिसमें सोमला ज्ञानसिंग, विकास राठौर राहीदास, दुर्गेश पवार बाबुसिंग, गणेश कुशवाह गुलाबसिंग, राजू नवलसिंग गौतम, जानकीराम हरीसिंग आदि शामिल है। उनके खातों में 1-1 हजार रूपये की आर्थिक सहायता अंतरित की गई है। जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकते है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा यह प्रयास सराहनीय है। अब तक योजना प्रारंभ होने से कुल 12 प्रवासी मजूदरों के खातों में 1-1 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि अंतरित की जा चुकी हैं।

By nit

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