खाई है कसम नहीं सुधरेंगे हम: भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से लाॅक डाउन के बीच अकोट में खुलेआम चल रहा है गिट्टी का खदान | New India Times

जफर खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:

खाई है कसम नहीं सुधरेंगे हम: भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से लाॅक डाउन के बीच अकोट में खुलेआम चल रहा है गिट्टी का खदान | New India Times

एक तरफ पूरे देश में कोरोना वायरस को लेकर जहां देश वासी चिंता में हैं तो दूसरी ओर लाॅक डाउन के चलते गोंखनिज वा कुछ स्टोन क्रेशर पूरी तरह बंद होने के बावजूद भी खुले आम गिट्टी खदान में काम जोरों पर चल रहा है।

खाई है कसम नहीं सुधरेंगे हम: भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से लाॅक डाउन के बीच अकोट में खुलेआम चल रहा है गिट्टी का खदान | New India Times

मिली जानकारी के अनुसार अकोट के सभी स्टोन क्रेशर बन्द हैं लेकिन राजेश स्टोन क्रेशर पैसे के बलबूते पर भ्रष्ट अधिकारियों की सांठ-गांठ से खुले आम चल रहा है। अब सवाल यह है कि क्या धारा 144 संचार बंधी इन पर लागू नहीं है या होने के बावजूद भी इन्हें छूट दे दी गई है?
वैसे सूत्र बताते हैं कि यहां कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों पर रिश्वत की मोटी पट्टी चढ़ा दी गई है जिससे उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।
एक तरफ तो कुछ रेत माफिया रेत चोरी कर लाखों रुपए कमा कर शासन का नुक़सान कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर लोग लॉक डाउन का पालन कर कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अपने घरों में बैठे हैं जबकि दूसरी ओर देश के सम्पत्ति को खुले आम लूटने का कार्य चल रहा है। अब सवाल यह उठता है कि क्या अधिकारियों को यह दिखाई नहीं देता है या जानबूझकर उन्होंने आंखें बंद कर ली हैं।
ऐसी खबर प्रकाशित करने पर पत्रकारों को जान से मारने व झूठे केसों में फंसाने की धमकी भी कुछ अज्ञात लोगों द्वारा दी जा रही है। अब देखना यह है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।

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