संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

प्रकृति और मानव संरक्षण हेतु विश्व वानिकी दिवस (21 मार्च) पर विशेष
दुनिया के तमाम देश अपनी मातृभूमि की मिट्टी और वन-सम्पदा के महत्व को समझते हुए वनों और जंगलों का संरक्षण हमेशा करते रहते हैं जिससे प्रकृति संरक्षण, वातावरण शुद्धिकरण का लाभ पूरी दुनिया को मिलता है,..विश्व वानिकी दिवस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आज वर्तमान स्थिति कुछ भयानक है, कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए अपनी परवाह न करके दूसरों की सेवा में लगे पुलिस प्रशासन, चिकित्सक, मीडिया और सामाजिक संगठनों के सेवा भाव के लिए 22 मार्च रविवार को सुबह 7 बजे से 9 बजे रात तक… जनता द्वारा… जनता के लिए… जनता कर्फ्यू…..भारतीय एकता की मिसाल कायम होगी, जिससे पता चलेगा कि पूरा देश इस महामारी से लड़ने के लिए एकजुट तैयार है…इन सभी के सच्ची सेवा के लिए श्रद्धा भाव व्यक्त करना हम सभी देशवासियों का फर्ज और कर्तव्य है….
