पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (मप्र), NIT:

गंगानगर मेें भैरव बाबा का मन्दिर है जहां पर हर वर्ष धुलेड़ी पर्व पर बाबा गल गल देव का मेला लगता है। यहां पर भैरवनाथ मन्दिर में मन्नधारी विशेष श्रृंगार करके आते हैं और भैरवनाथ मन्दिर के ऊपर मचान पर चढ़कर एक सिरे पर बांधकर दूसरे सिरे से रस्सी के सहारे एक व्यक्ति द्वारा गल देवता की परिक्रमा करते हुए मन्नधारी द्वारा गल गल देव की जयकारे के साथ मन्नत पूरी करते हैं।

आदिवासी लोक संस्कृति का सबसे बड़ा पारंपरिक भगोरिया पर्व पर आसपास के आदिवासी बाहुल्य अंचल से आदिवासी समाज जन मादल की थाप व बांसुरी की मधुर धुन पर युवा व आदिवासी जन व आम जनता जमकर कर नृत्य करते हुए थिरके। भगोरिया मेला का आनंद उठाया।
गल गल देव मेला का आयोजन हुआ यहां पर कुल्फी, कोल्डड्रिक्स, खाने-पीने के साथ ही सौन्दर्य प्रसाधन की दुकानो पर जमकर खरीदारी की। वही बच्चों व युवक-युवतीयोने झूला चक्करी का आनंद लेते हुए। युवा वर्ग सेल्पी का आनंद लेते हुए।
