300 मीटर का तिरंगा झंडा बुलंद करते हुए एनआरसी, सीएए व ईवीएम का विरोध करते हुए निकाली गई रैली | New India Times

अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ, धुले (महाराष्ट्र), NIT:300 मीटर का तिरंगा झंडा बुलंद करते हुए एनआरसी, सीएए व ईवीएम का विरोध करते हुए निकाली गई रैली | New India Times

बहुजन क्रांति मोर्चा ने सोमवार को सीएए व एनआरसी के विरोध में शिवाजी महाराज प्रतिमा से विशाल रैली निकाली गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाथों में तिरंगा झंडा एनआरसी, सीएए, ईवीएम के विरोध में विभिन्न प्रकार की विरोध की तख्तियां के साथ ही प्रदर्शनकारियों ने तीन सौ मीटर का तिरंगा झंडा बुलंद करते हुए सड़कों पर फिर उतरी अवाम ने सरकार से कानून वापस लेने की मांग करते हुऐ लगाए नारे. धरना-प्रदर्शन में बहुजन मुक्ति पार्टी, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, एससीएसटी ओबीसी एण्ड माइनोरिटी संयुक्त संघर्ष मोर्चा, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा,राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला संघ सहित कई संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए जो तहसील कार्यालय होते हुए क्युमाइन क्लब तक पहुंचा। वहां वक्ताआओं ने लोगों को संबोधित किया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिलकर आवेदन सौंपा।

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आवेदन में कहा गया है कि सीएए भारतीय संविधान का हनन करने वाला है। इसलिए इसको रद्द किया जाए। इस कानून की वजह से देश में अशांति फैल चुकी है। इसलिए इस कानून को वापस ले लेना चाहिए। कहा कि एनआरसी की सूची में से जिन लोगों को निकाल दिया गया है। उन लोगों को फिर से एनआरसी की सूची में शामिल किया जाए। एनआरसी व सीएए के विरोध में आंदोलन करने वाले लोगों पर जो झूठे केस दाखिल किये है उनको बिना विलंब हटाया जाय।
EVM के साथ VVPAT लगाकर EVM की वजह से आए हुए चार दोष दुरूस्त करने के लिए 100% VVPAT लगाने का कानून बनाया जाए. वर्तमान सरकार EVM में घोटाला करके आई हुई सरकार है। इसलिए EVM के साथ लगाई गई VVPAT की पर्ची की गिनती 100% करने का कानून बनाया जाए। आदि 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौपा है।

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मुफ्ती कासिम में हजारों की संख्या में पहुंचे आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सीएए व एनआरसी देश को तोड़ने वाला कानून है। इसकी आड़ में भारतीय संविधान को समाप्त करने की साजिश है। अगर लागू करना ही है तो देश में डीएनए कार्ड लागू करो। कहा डीएनए के आधार पर आर्य विदेशी हैं। मूलनिवासी नागरिकता के लिए कोई कागजात जमा नहीं करेंगे। कहा सरकार अगर यह कानून रद्द नहीं करती है तो 29 जनवरी को भारत बंद किया जाएगा। इस तर्ज़ का ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी देवराजन गंगाथरन को दिलीप पाटील, कैलाश माली, रत्न वाघ, कमलाकर सौदानकर, विशाल साल्वे, जुबेर शेख, राहुल वाघ, जाहिद अंसारी आदि ने ज्ञापित किया है।

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