यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

पुरानी पेंशन योजना लागू करवाये जाने हेतु राज्यभर में चलाये जा रहे आन्दोलन के क्रम में नई पेंशन स्कीम एम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ राजस्थान के प्रांतीय आह्वान पर धौलपुर जिला मुख्यालय पर पंचायत समिति परिसर में रविवार को आदेशो की होली जलाई गई।
फेडरेशन के प्रदेश सचिव प्रभात शर्मा एवं जिला समन्वयक जितेंद्र कुमार ने बताया कि आज से 16 वर्ष पूर्व तत्कालीन वाजपेयी सरकार के नेतृत्व की केन्द्र सरकार ने वित्त मंत्रालय की अधिसूचना से 22 दिसम्बर, 2003 जारी कर केन्द्र के लाखों कर्मचारियों, अधिकारियों सहित अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं अर्द्धसैनिक पुलिस बलों के कार्मिकों की सुपरिभाषित पेंशन योजना 1972 छीनकर एनपीएस म्युचल फण्ड स्कीम थोप दी गई थी जिसके दुष्परिणाम हाल के वर्षो में सेवानिवृत कर्मचारियों को मिल रहे हैं जिन्हें 900 से 1200 रूपये मासिक पेंशन मिलने के उदाहरण सामने आ रहे हैं। एकीकृत महासंघ के जिलाध्यक्ष चंद्रभान चौधरी, चिकित्सा महासंघ के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मंगल, राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन एकीकृत के प्रदेश महामंत्री पुरुषोत्तम कुम्भज, जिलाध्यक्ष मुकेश शर्मा %, एकीकृत शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष रेखा शर्मा आदि ने बताया कि पेंशन के अलावा बहुत से कर्मचारी हितलाभ जैसे जीपीएफ, ग्रेच्युटी, कम्युटेशन, मेडीकल डायरी, न्यूनतम पेंशन गारन्टी इत्यादि भी छीनकर देश के विकास की धुरी कार्मिकों को पूरी तरह असुरक्षित कर दिया गया है, तत्पश्चात् केन्द्र के दवाब में अलग-अलग समय में अलग-अलग राज्य सरकारों द्वारा अपने राज्यों में कार्मिकों की पेंशन छीन ली गई, जिससे कार्मिकों का परिवार भी संकट में आ गया है।
फ़ेडरेशन के जिला संयोजक मनोज पोसवाल ने कहा कि राष्ट्र व्यापी विरोध की श्रृ्रंखला के तहत 22 दिसम्बर 2019 रविवार को उक्त अधिसूचना की सार्वजनिक रूप से होली जलाकर पूरे राजस्थान में सभी जगह विरोध प्रकट किया गया है और आगे इसे राज्य सरकार से लागू करवाने के लिए आन्दोलन किया जायेगा। यह बुढ़ापे का सहारा है, सरकार ने वादा किया है अतः हम सभी कर्मचारी मिलकर इसे लागू करवाकर रहेंगे।
नर्सिंग टूट्यूटर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश लोधी कि राजस्थन के 5 लाख एनपीएस कार्मिकों की भावनाओं को मद्देनजर रखते हुए एनपीएस कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना (राजस्थान पेंशन नियम 1996) में समाहित करते हुए अन्य छीने गये हितलाभ पुनः बहाल करने की कृपा करें।
फेडरेशन के सहसयोजक सुरेश लोधा ने बताया कि एनपीएस कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना बहाल करने से कोरपोरेट को दिये जा रहे कर्मचारियों के मासिक वेतन का 10 प्रतिशत अंशदान की पुनः प्राप्ति होने से राजकोष को प्राप्त धनलाभ से रोके गये मंहगाई भत्ते की किश्त, एक साल का वेतन एरियर, ग्रेड पे कटौती एवं कर्मचारियों की अन्य आर्थिक मांगे पूरी की जा सकेंगी, उसके बावजूद भी राज्य सरकार को राजकोष में धन बच जायेगा।
कार्यक्रम में संयोजक मनोज पोषवाल, भारत गुर्जर, रामनिवास पटवारी, हरीश कुशवाह, रामकुमार शर्मा, मान सिंह चंदेला, रमेश वघेला, मनीष पहाड़िया, मनोज मीणा, राजवीर पहलावत, चोल सिंह जाट, कुलदीप, महेंद्र सिंह परमार, रमाकांत कौशिक, गौरीशंकर शर्मा, विनोद कटारा, हरीओम शर्मा, राशिद बेग, बृजकिशोर उपाध्याय, कमल सिंह आदि उपस्थित रहे।
