मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में पुराने टायरों से ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग | New India Times

रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में पुराने टायरों से ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग | New India Times

मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित पुराने टायरों से ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक आग लग गई।
बताया जाता है कि सावधानी नहीं बरतने तथा नियमों के विपरीत कारखाने को संचालित कारण तथा कारखाने के अंदर कारखाना अधिनियम के अंतर्गत आग पर काबू पाने के कोई भी यंत्र उपलब्ध नहीं होने से एवं नियमों के विरुद्ध कारखाना संचालित किए जाने के कारण कारखाने में दोपहर भयंकर आग आग लग गई जिसकी खबर आग की तरह पूरे शहर में फेल गई तथा आमजन भयभीत हो गए। लोगों ने फायर ब्रिगेड बुलवाकर फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया। बताते हैं कि जिस समय कारखाने में आग लगी उस वक्त कारखाना परिसर में कार्य करने वाले मजदूर एवं ऑयल से भरा हुआ टैंकर मौजूद था। यदि उक्त टैंकर आग की लपेट में आ जाता तो निश्चित ही बड़ा हादसा मेघनगर में घटित हो जाता और इस हादसे का जिम्मेदार अवैध कारखाना संचालक होता।
गुजरात सरकार के द्वारा पुराने टायर को पिघला कर ऑयल बनाने वाले इस कारखाने पर प्रतिबंध है क्योंकि टायर को पिघलाने के दौरान निकलने वाला कार्बन एवं गैस जहरीली होता है। मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में पुराने टायरों से ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग | New India Times

इसलिए उक्त कारखाना संचालक गुजरात का निवासी होकर मध्यप्रदेश में इस कारखाने को नियम कायदे कानुन को ताक पर रखकर नगर के मुख्य मार्ग पर कारखाना संचालित कर रहे हैं। इस कारखाने से निकलने वाला ऑयल युक्त पानी को भी खुला बहाया जाता है। कारखाने के पीछे एवं आसपास स्थित अन्य फैक्ट्रियों में पानी को छोड़ा जा रहा है एवं इस कारखाने से निकलने वाला काला कार्बन मानव जाति के लिए हानिकारक होने के साथ-साथ यह कार्बन भूमि को भी बंजर बनाता है साथ ही फसलों को भी नुकसान पहुंचाता है। भूमि पर बिखरने से काफी नुकसान पहुंचाने वाला है जिसे नियंत्रित करने में कारखाना संचालक असफल रहा है।
सोचने वाली बात यह है कि उक्त कारखाना नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहा है तथा मेघनगर की जनता प्रदूषण की समस्या को लेकर परेशान है उसके बाद भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं सरकार आंखें बंद कर इस कारखाने को मेघनगर में संचालित होने दे रही है।
समय रहते इस तरहा के कारखानो पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो निश्चित रूप से यह कारखाने मुख्य मार्ग पर होने के कारण मेघनगर के लिए और आसपास के इलाके के लिए भयंकर रूप धारण करेगा। इस हेतु स्थानीय प्रशासन को तथा प्रदूषण विभाग को ध्यान देते हुए अवैध संचालित हो रहे कारखानों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही की जानी चाहीए और प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

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