गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही उन्नाव की बेटी ने आखिरकार दम तोड़ दिया। पहले बलात्कार फिर जला देने की घटना को लेकर सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं,। इस घटना ने पूरे देश की बेटियों को झकझोर कर रख दिया।
हैवाननियत के बाद आग के हवाले की गई उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता ने शुक्रवार देर रात को यहां सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बावजूद भी उन्नाव की रेप पीड़िता को बचाया नहीं जा सका।
विपक्ष में बैठे राजनीतिक पार्टियों में बसपा, कांग्रेस और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी सरकार को पीड़िता की मौत का जिम्मेदार बताया है। पीड़िता की मौत गंभीर रूप से जलने के कारण हुई है। अंबेडकर नगर जिले के कलेक्ट्रेट पर उन्नाव की बेटी के समर्थन में धरने पर बैठे समाजवादी पार्टी के पूर्व कैबिनेट मंत्री राममूर्ति बर्मा, एमएलसी हीरालाल यादव सहित कई वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का अभियान केवल दिखावा है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राम कुमार पाल ने मोदी और योगी सरकार पर बेटियों की सुरक्षा को लेकर तीखा हमला किया। दुष्कर्म पीड़िता की मौत पर विपक्ष के नेताओं ने योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं बहुजन समाज पार्टी के विधायक राम अचल ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने सरकार से जल्द इंसाफ दिए जाने की मांग की है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विधान भवन के सामने धरने पर बैठ गए हैं। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि केंद्र सरकार ऐसी घटनाओं के दोषियों को निर्धारित समय के भीतर फांसी की सख्त सजा दिलाने का कानून बनाए। राज्य सरकारों को चाहिए कि वे लोगों में कानून का खौफ पैदा करें।
