रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:
मेघनगर में पंच दिवसीय महापर्व श्रंखला का श्रीगणेश शुक्रवार को धनतेरस के साथ हो गया है। रूप चतुर्दशी सहित दीपावली पर्व पर त्रिदिवसीय दीपोत्सव कईं जाति एवं वर्ग के लोगों द्वारा मनाने की परंपरा इस बार भी दिखाई देगी साथ ही प्रतिवर्षानुसार नववर्ष एवं भाईदूज भी अत्यंत उत्साह पूर्वक मनाया जायेगा।
नगर के अधिकांश भवनों पर रोशनी एवं आकर्षक सज्जा की गई है। गृहिणीयों द्वारा वार्षिक सफाई का कार्य पूर्ण हो चुका है अब वे नमकीन एवं मिठाईयां बनाने में व्यस्त हैं।
बाजार में भी नमकीन मिठाई सहित इलेक्ट्रॉनिक्स, आभुषण, मोबाइल, किराना, बर्तन, रेडीमेट कपडे़ की दुकानें सजकर तैयार हैं। पलायन कर गये श्रमिकों का आना भी शुरू हो चुका है।
बाजार की चमक अब लोटने लगी है। त्योहार नजदीक होने से कम समय मे अधिक व्यापार चलने की आशा लगाये दुकानदारो के चेहरों पर रौनक दिखाई देने लगी है।
मोबाइल की दुकानों पर भी ग्राहकी का अच्छा क्रेज दिखाई दिया। बाहर से सोयाबीन काट कर आने वाले श्रमिक वर्ग की एंड्राइड मोबाइल की खरीदी के प्रति अच्छा उत्साह देखा गया जिससे मोबाइल की दुकानों पर अच्छी खरीदी देखी गई।
गुजरात की मिट्टी से बने विभिन्न आकार के दीपक बाजार में उपलब्ध रहे। दूरस्थ क्षेत्रों से लौटने वाले यात्रियों की काफी भीड़ देखी गई। सूनसान बाजार में अचानक रौनक आ गई है। त्यौहारी खरीददारी करने वालों का उत्साह चरम पर है। धनतेरस की रात्रि से नगर के अधिकांश भवन रोशनी से जगमगाने के लिए तैयार हैं। इस वर्ष आतिशबाजी करने वालों पर महंगाई की मार पड़ेगी।दशहरा मैदान पर पटाखों की दुकानें भी सजकर तैयार हैं।इधर खरीफ की फसलें पककर तैयार हो चुकी हैं लेकिन त्योहारों के दिन सामने आने से किसानों को कटाई का समय नहीं मिल पा रहा हैं। अब दिपावली बाद ही बाजार में कृषि जिंस आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
