गुमशुदा बच्चे को मां बाप से मिलाने में चौकी इंचार्ज हनुमंत लाल तिवारी ने निभाई अपनी जिम्मेदारी | New India Times

वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:

गुमशुदा बच्चे को मां बाप से मिलाने में चौकी इंचार्ज हनुमंत लाल तिवारी ने निभाई अपनी जिम्मेदारी | New India Times

अगर खाकी के वेशभूषा धारण किए हुए खाकी के रूप में आपको इंसानियत, सादगी भरा, मधुर भाषा शैली में नेक पुलिस अफसर से मुलाकात हो जाए तो आमजनमानस की आंखें फटी रह जाती हैं क्योंकि आधुनिक युग में पुलिस अफसरों का रौब और रुतबा तो आप रोजाना अख़बार की सुर्खियों में पढ़ते आते हैं और बहुत ही कम देखने को मिलते है पर ऐसे अफसर निघासन कोतवाली क्षेत्र व निघासन कोतवाली में आज भी अपनी बखूबी जिम्मेदारी और मित्रवत पुलिस की भावना को अपने भीतर पिरोए हुए हम सब के बीच मौजूद है।
दो महीने पूर्व गुमशुदा बच्चे के मामले को लेकर बच्चे का पिता अनुराग दास निवासी बिछुली अपने बेटे पुलकित कुमार की तलाश में कोतवाली तिकुनियां में शिकायत पत्र लेकर गुजरे पंद्रह दिनों तक चक्कर लगाता रहा पर कोतवाल तिकुनियां ने इस मामले पर गौर ना करते हुए बेटे से बिछड़े मां बाप की दिन दशा पर जरा सा भी ध्यान नहीं किया और टालते रहे।
दर बदर भटकते अपने बेटे की तलाश में जुटे मां और पिता की फरियाद को सुनने में निघासन कोतवाल दीपक शुक्ल ने रुचि ली और गंभीरता से लिया।
पीड़ित मां बाप की फरियाद सुनकर कोतवाल ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करते हुए विवेचना चौकी इंचार्ज पडुहा हनुमंत लाल तिवारी को सौंपी जिसमे चौकी इंचार्ज ने इस मामले की जांच करते हुए करीब दो महीने से गुमशुदा बच्चे की तलाश की जिम्मेदारी बखूबी निभाते हुए निघासन क्षेत्र के कई इलाकों में पुलिस बल के साथ लड़के की खोज करना शुरू कर दिया और नतीजतन पुलिकित कुमार को तिकुनियां मझरा मार्ग जंगल के रास्ते से बरामद किया।

अगर जरा सी भी कोताही हो जाती तो निर्दोष को सजा झेलनी पड़ती और पिता के बयान के अनुसार किसी रिश्तेदार को जेल जाना पड़ता।

पुलकित कुमार की गुमशुदगी हो जाने के बाद से बेजान मां बाप ने एक रिश्तेदार को शक के आधार पर इल्ज़ाम लगाया जिसपर निघासन पुलिस ने उस व्यक्ति पर भी पैनी नजर रखना शुरू कर दिया था उसकी हर प्रतिक्रिया पर चौकी इंचार्ज हनुमंत तिवारी ने पैनी नजर रखते हुए उसे इस मामले में सजा देने के लिए प्रयासरत दिख रहे थे पर बेइंतहा सूझबूझ के साथ दोनों तरफ नजर रखते हुए अपनी जिम्मेदारियों को भली भांति निभाकर बच्चे को आखिर बिछड़े हुए मां बाप से मिलाने में कामयाबी हासिल की ।

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