सड़क निर्माण में देरी से रास्ता कीचड़ में तब्दील, आये दिन हो रही हैं दुर्घटना, पी.डब्लू.डी. प्रशासन बना हुआ है मौन | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

सड़क निर्माण में देरी से रास्ता कीचड़ में तब्दील, आये दिन हो रही हैं दुर्घटना, पी.डब्लू.डी. प्रशासन बना हुआ है मौन | New India Times

सागर जिला के देवरी क्षेत्र में बन रहे देवरी-रसेना मार्ग जो कि देवरी से करीब 10 किलोमीटर की दूरी का हैै जिसमें यह सडक देवरी से पुलर ग्राम, छिंदली ग्राम, पंडित जमुनिया ग्राम, खेरी पदम ग्राम, टिकरिया ग्राम, खेरूआ ग्राम व रसेना ग्राम की मुख्य सडक मानी जाती है। यह सड़क काफी समय से जर्जर स्थिति में थी जिसकी ग्रामीण लोगों द्वारा कैबिनेट मंत्री हर्ष यादव जी से सड़क निर्माण की मांग की गई थी जिसको मंत्री जी द्वारा प्राथमिकता के साथ स्वीकृत कराकर शीघ्र निर्माण करने व गुणवक्ता का बिशेष ध्यान रखने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये थे। यह सड़क देवरी से रसेना तक डामरीकृत बनाई जानी है लेकिन सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार अजय पारस जैन प्रशासन के नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी से गुणवत्ता हीन सडक निर्माण कार्य कर रहे हैं।

सड़क निर्माण में देरी से रास्ता कीचड़ में तब्दील, आये दिन हो रही हैं दुर्घटना, पी.डब्लू.डी. प्रशासन बना हुआ है मौन | New India Times

सड़क का बेस बनाने के लिये जो मुरम डलनी थी वो मिट्टी वाली मुरम डाली गई और रोलर भी नहीं चलाया गया बल्कि उसी पर पतली गिट्टी तो कहीं दस्ट डाली गई जिसके कारण पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो गया है। कहीं कहीं तो डम्पर के कारण खाई जैसे गड्ढे हो गये हैं जिसके कारण ग्रामीणों व स्कूली बच्चों के साथ आये दिन हादसे हो रहे हैं जिसके जिम्मेदार लापरवाह ठेकेदार व अधिकारी हैं और पी डब्लू डी प्रशासनिक अधिकारी चुप हैं, कोई देख रेख नहीं कर रहे हैं। ठेकेदार व अधिकारियों की मिलीभगत से ग्रामीण जन काफी समस्या का सामना कर रहे हैं। ठेकेदार को सड़क निर्माण शीघ्र करने के निर्देश भी दिये गये थे मगर यह सड़क कछुये की चाल जैसी बनाई जा रही है। करीब सात -आठ महीने हो चुके हैं मगर सड़क नहीं बन पा रही हैै साथ ही ऐसी कीचड़ व गड्ढे हैं जिनके कारण आये दिन ग्रामीणों के साथ घटनाएं होने के बावजूद भी लापरवाह ठेकेदार द्वारा कोई निराकरण नहीं किया जा रहा है और अधिकारी भी चुप बैठे हैं जिसके कारण पूरी सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। आरोप है कि शासन की राशि को ठेकेदार द्वारा भ्रष्टाचार करके गुणक्ताहीन बनायी जा रही है। ठेकेदार स्वयं को बड़ा नेता समझते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क की गुणवत्ता को लेकर ठेकेदार से बोला गया तो ठेकेदार जी बोलते हैं कि हमारी पकड़ लम्बी है, भाजपा में भी कांग्रेस में भी। ग्रामीणों का तो यह भी कहना है कि ठेकेदार कहते हैं कि जहाँ भी शिकायत करना हो कर दो हमे किसी का डर नहीं है, हम सडक अपने हिसाब से बना लेंगे और जैसा निर्माण हो रहा है ठीक वैसा ही होगा चाहे कहीं भी शिकायत करो।

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