अबरार अहमद खान, भोपाल (मप्र), NIT:

विधायक आरिफ मसूद ने प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया को बताया कि शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में दिनांक 07 सितम्बर को दोपहर 12ः30 बजे आयोजित किया जायेगा जिसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती दी जायेगी। कार्यक्रम में भाग लेने वालों को भी सम्मानित किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सुरेश पचौरी, शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रभुराम चौधरी और खेल युवा कल्याण व उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी जी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। हमारा प्रयास होगा कि भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र में कार्य कर रहे किसी भी शासकीय एवं निजी शालाओं में कार्यरत शिक्षक/शिक्षिकाओं को कोई भी परेशानी हो रही हो तो उसका शीघ्र निराकरण मेरे कार्यालय द्वारा किया जायेगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षकों सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित होंगे।
आरिफ मसूद ने चर्चा में कहा कि हमारे जीवन में शिक्षक का स्थान माता-पिता से भी ऊपर माना जाता है। यदि हमें माता-पिता जन्म देते है, तो शिक्षक हमें सही और गलत का अर्थ समझाते हैं। ‘‘गुरू‘‘ का अर्थ ही होता है, जो हमें अंधकार से प्रकाश की और ले जाता हैं। शिक्षक हमारा मार्गदर्शन करके हमारे भविष्य का निर्माण करते हैं।
आगे आरिफ मसूद ने कहा कि शिक्षक हमें आदर्श नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते है यह गुरू का मार्गदर्शन होता है कि हम अपने भविष्य का निर्माण कर पाते है। विश्व के अलग-अलग देशों में अलग-अलग तारीख में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। सरकारे आती है और जाती है अलग-अलग सरकारों द्वारा शिक्षकों के कल्याण के लिए अनेक घोषणाएॅ की जाती हैं परंतु उस पर अमल नहीं किया जाता।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए आरिफ मसूद ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ जी की सरकार द्वारा कई सालों से अपने परिवार के पास साथ रहने का सपना देख रहे 35,000 हजार से अधिक शिक्षकों का स्थानांतरण उनके मन पसंद स्थान पर एक पारदर्शी नीति के तहत आॅनलाइन किया गया और इस नीति में किसी शिक्षक को यदि कोई परेशानी भी हुई हो तो उसका निराकरण तत्काल विभाग द्वारा करवाया गया। किसी शिक्षक अथवा गुरू को इससे अधिक सम्मान आज तक शायद ही किसी सरकार द्वारा दिया गया।
आगे विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि इन्हीं सब बातों से प्रेरित होकर हमें भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत गुरूजनों को सम्मानित करने की प्रेरणा मिली। मैं अपने आपको गौरआवित महसूस कर रहा हूं।
