इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

बुन्देखण्ड राज्य की माँग पहले से ही उठती रही है, इस बार इंसाफ सेना ने बड़े ही जोशो खरोश के साथ अपनी आवाज़ बुलन्द की और बुंदेलखण्ड राज्य की लड़ाई लड़ने के लिए उत्तर-प्रदेश के पूर्व मंत्री कुँवर बादशाह सिंह ने एक नई टीम बनाकर मैदान में उतारी है। बुंदेलखण्ड राज्य बनाने के लिए अब कोशिशें तेज हो गई हैं जिसकी एक अहम बैठक छतरपुर में ली गई और बुंदेलखण्ड के सभी जिलों से पदाधिकारियों को उनके प्रभार सौंपे गये। दमोह से भी जिला अध्यक्ष पद पर शालिनी सिंह को मनोनीत किया गया है।

छतरपुर में आयोजित एक सभा मे पूर्व मंत्री कुँवर बादशाह सिंह ने शालिनी सिंह को प्रमाण पत्र देकर इस नई जिम्मेदारी से नवाजा है। कुँवर बादशाह का कहना है कि पृथक बुंदेलखण्ड राज्य निर्माण के लिए क्षेत्र के सभी जिलों में पदाधिकारी नियुक्त किये गये हैं और हमारा संगठन गरीब असहाय लोगों की मदद करता आ रहा है। इंसाफ सेना ने दमोह जिले से कर्मठ और जुझारू नेता शालिनी सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है जो खुद भी बुंदेलखण्ड की माटी से ताल्लुक रखती हैं।

शालिनी सिंह का कहना है कि हमारे बुंदेलखण्ड में राज्य बनाने की वो सब संभावनाएं हैं जो एक राज्य के निर्माण को चाहिए। यहाँ पर्यटन, खनिज, दार्शनिक स्थलों के साथ हमारे बुंदेलखण्ड की कला और संस्कृति सारी चीजें मुहैया हैं। उन्होंने बिना नाम लिए दोनों प्रदेशों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश सरकारों पर आरोप लगाये की इन सरकारों ने कभी नहीं चाहा कि पृथक बुंदेलखण्ड राज्य बने, अगर ऐसा होता तो दोनों राज्यों को राजस्व की हानि के साथ साथ कई तरह से नुकसान होता इसलिए हमेशा बुंदेलखण्ड राज्य की आवाज को दबाया गया है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।बातों ही बातों में शालिनी कहती हैं कि जिस तरह से झाँसी की रानी ने अपना लोहा मनवाया इसी तरह हम भी बुंदेलखण्ड राज्य के लिए तन मन से कार्य करेंगे और भरोसा दिलाया कि हमारा पृथक बुंदेलखण्ड राज्य बनकर रहेगा। दरअसल बुंदेलखण्ड राज्य की आवाज़ पहले भी उठती रही है, इस बार भी इंसाफ सेना मैदान में है नये दम खम के साथ।
