यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट धौलपुर पहुंचकर पुलिस और बजरी का परिवहन करने वाले लोगों में हुई मुठभेड़ में गोली से मारे गए दो लोगों के आश्रितों से मोरोली गांव पहुंचकर मिले और ढांढ़स बंधाया। वहीं डिप्टी सीएम ने मामले में निष्पक्ष जांच कराने के आदेश दिए। डिप्टी सीएम ने दोनों मृतक के परिजनों से रूबरू होकर मुलाकात की। जहां महिलाओं ने रो-रो कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट दिल्ली से कार द्वारा धौलपुर पहुंचे थे। धौलपुर पहुंच कर सीएम पायलट मोरोली गांव पहुंचे जहां ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि पुलिस और ग्रामीणों द्वारा जो मुठभेड़ हुई थी उसमें दो युवकों की मौत हुई है, हम उनके परिजनों को दिलासा देने आये हैं कि पूरे मामले की जांच कराई जायेगी। गांव वालों का मानना था कि जांच निष्पक्ष हो, ग्रामीणों की मांग को मानकर जाँच को बदला जायेगा। जो भी धाराएं लगाई गई उसकी भी जांच होगी। इसके अलावा यदि अन्य व्यक्ति भी इसमें दोषी होगा और उस पर आरोप सिद्ध होंगे तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की घटनाएं होना दुर्भाग्य पूर्ण हैं। मामले पुलिस के कर्मचारियों पर धाराएं लगाई गई है और ग्रामीणों पर धाराएं लगाई है। यह जांच के बाद ही निर्णय होगा। लेकिन ग्रामीणों की जांच बदलने की मुख्य मांग को मानकर आदेश जारी कर दिए है। बजरी परिवहन के लिए सरकार प्रभावी कदम उठाएगी।
गौरतलब है कि 30 अगस्त 2019 को बसईडांग थाना पुलिस और क्यूआरटी फ़ोर्स की संयुक्त मुठभेड़ जगदीश का अड्डा गांव के पास हुई थी। पुलिस ने बजरी परिवहन कर रहे लोगों का पीछा किया तो लोगों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी लोगों पर जबाबी फायरिंग की शुरुआत कर दी। इस दौरान दो युवको की गोली लगने से मौत हो गई,जबकि दो पुलिसकर्मी सहित सात लोग घायल हो गए थे। मामले मेंं मृतक के आश्रितों को सरकार द्वारा पांच-पांच लाख का मुआबजा की घोषणा की गई। इसके अलावा दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है साथ ही घायलों के उपचार का खर्चा सरकार द्वारा किया जा रहा हैं।
