बड़ी दुर्घटना को दावत दे रहे सड़क पर बने गड्ढे, प्रतिदिन लाखों रुपए टोल टैक्स वसूलने के बावजूद भी एनएचआई नहीं दे रहा है ध्यान | New India Times

अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ, धुले (महाराष्ट्र), NIT:

बड़ी दुर्घटना को दावत दे रहे सड़क पर बने गड्ढे, प्रतिदिन लाखों रुपए टोल टैक्स वसूलने के बावजूद भी एनएचआई नहीं दे रहा है ध्यान | New India Times

एनएचएआई की लापरवाही कभी भी बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकती है। शहर के समीप मुंबई-आगरा महामार्ग पर बड़े पैमाने पर धुलिया से पलासनेर तक सड़क पर गड्ढे हो गए हैं जिसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने अनदेखी कर रखी है जिसके चलते बुधवार की सुबह एक के ट्रेलर सड़क के बीचो बीच गड्ढे में फंसने के कारण उसे पीछे से आने वाले ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी जिसके कारण दोनों वाहनों को नुकसान पहुंचा है। मामला इतने पर भी नहीं रुका दुर्घटना के आधे घंटे के बाद टोल प्लाजा की राहत बचाव टीम मौके पर पहुँची वह भी बिना क्रेन के, आखिर में ट्रक चालक ने किराए की क्रेन को बुलाया और गड्ढे में से ट्रेलर को बाहर निकाला जिसके चलते करीब दो घंटे तक यातयात प्रभावित रही। वहीं पर वाहन चालकों ने एनएचआई की लापरवाही और टोल टैक्स के बदले में मिलने वाली असुविधा पर रोष व्यक्त किया है।

अगर आप एनएच तीन हाइवे पर सफर कर रहे हैं तो मालेगांव से लेकर पलासनेर तक सावधानी पूर्वक सफर करे, अन्यथा कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं, क्योंकि आपसे टोल वसूल कर सुरक्षित सफर की गारंटी देने वाली एनएचएआई लापरवाही बरत रही है। 140 किलोमीटर के इस सफर में जगह-जगह सड़क टूटने से गड्ढे बने हुए हैं, वहीं सड़क पर विचरण कर रहे आवारा पशु दुर्घटनाओं का कारण बन रहे है। इस दूरी में एनएचएआई धुलिया ,सोनगीर तथा शिरपुर तीन जगहों पर टोल वसूलती है। प्रतिदिन लाखों रुपए की वसूली करने वाली एनएचएआई सुरक्षित सफर को लेकर सुविधा मुहैया नहीं करवा रही है। नतीजन हाइवे पर हुए गड्ढों औैर पशुओं से हर दिन वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे है। वर्ष सडक का निर्माण होने के बाद दो साल में ही सडक जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। ऐसे में सडक को दुरूस्त करने के लिए कार्यकारी एजेंसी द्वारा मरम्मत का कार्य किया गया, लेकिन कार्यकारी एजेंसी ने सडक को दुरूस्त करने में एनएचएआई के अधिकारियो से सांठ-गांठ कर लीपापोती कर दी जिसके कारण सडक अनेक स्थानों पर खस्ताहाल हो गई। जबकि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों दुपहिया, चार पहिया तो बड़े लोडिंग वाहन गुजरते हैं।

तेज रफ्तार में अनियंत्रित दुर्घटनाग्रस्त वाहन

यह है हमारे एनएच-3 हाइवे की तस्वीर, धुलिया से पलासनेर तक 100 किमी के दायरे में हाइवे की स्थिति ऐसी है कि टूटी सडक पर एक रफ्तार से वाहन चलाना मुश्किल है। कमोबेश यही स्थिति पूरे मार्ग पर देखने को मिलती है। जिसके कारण हाइवे पर तेज गति से वाहन दौड़ाने पर हादसों में इजाफा हो रहा है। यहीं नहीं हाइवे पर आवारा जानवरों के कारण हादसों में इजाफा हो रहा है। आलम ऐसा है कि जगह-जगह आवारा पशुओं के विचरण करने से वाहन चालकों का सडक पर चलना मुश्किल हो गया है लेकिन समस्या की तरफ एनएचएआई के अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। जबकि वाहन चालक समस्या के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

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