रहीम शेरानी हिंदुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

जान जोखिम में डाल कर स्कूल पहुंचते हैं बच्चे और शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण स्कूल के बाहर बैठकर करनी पड़ती है पढ़ाई | New India Times

जिला मुख्यालय से मात्र 12 किलोमीटर की दूर पर स्थित बिसौली मोकमपुरा रोड करीब पांच गांवों को जोड़ता है, उस रोड के बीच में आरी एस विभाग द्वारा बनाया गया पुलिया जिसकी लागत करीब पचास लाख रुपये की थी जो पिछले दिनों हुई बारिश के कारण बह गई है लेकिन जिम्मेदारों ने आज तक उस की सुध तक नहीं ली जिस कारण आस पास के गांव में रहने वाले स्कूली मासूम बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर टूटे हुए पुलिया के ऊपर से कूद कर शिक्षा के मंदिर में जाने को मजबूर है।
मासूम बच्चे एक दूसरे का सहारा लेकर पुल को पार करते हैं। प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ रहा है पर जिम्मेदारों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।

जान जोखिम में डाल कर स्कूल पहुंचते हैं बच्चे और शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण स्कूल के बाहर बैठकर करनी पड़ती है पढ़ाई | New India Times

बताते हैं कि जब पुल टूटा था तब तहसीलदार और अन्य अधिकारी आये थे और उन्होंने टूटे हुए पुल के फोटो भी खींचे और भोपाल भिजवाए थे पर अब तक कोई आदेश नहीं आया है।

नया भवन बनकर तैयार है लेकिन विभाग के अधिकारी नहीं कर रहे हैं नए भवन में स्कूल शिफ्ट, पुराने भवन में जगह कम होने के कारण बाहर बैठकर पढ़ाई करने को मज़बूर हैं छात्राएं

जान जोखिम में डाल कर स्कूल पहुंचते हैं बच्चे और शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण स्कूल के बाहर बैठकर करनी पड़ती है पढ़ाई | New India Times

सरकार शिक्षा के क्षेत्र में नित नई नई योजनाएं चला कर शिक्षा को बढ़ावा देना चाहती है लेकिन प्रशासनिक अधिकारी सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। हम बात करते हैं कल्याणपुरा स्थित कन्या हाईस्कूल का जो कि मिडिल स्कूल में संचालित हो रही है, जहाँ पर हाई स्कूल की कुल 400 छात्राएं अपनी पढ़ाई कर रही हैं साथ ही मिडिल स्कुल की 160 छात्राए पढ़ाई कर रही हैं।
कुल 8 कमरे स्कूल में हैं जिसमें 560 छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं पर स्कूल में छात्राएं न तो ठीक से बैठ सकती हैं और ना खड़े रह सकती हैं, ऐसे में सवाल यह है कि इस तरह से छात्राए पढ़ाई करें तो कैसे करें जिस कारण कुछ दिनों से यह छात्राएं मजबूरन स्कूल के बाहर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं जहाँ पर धूप हो या छांव या बरसात हो यह सभी समस्याओ से छात्राओं को परेशानी झेलना पड़ रही है और उससे भी बड़ी समस्या यह कि यहाँ पर सिर्फ एक शिक्षक है और उसी के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा है।
यहाँ से पिछले दिनों प्राचार्य का रिटायरमेंट हो जाने के कारण अभी तक प्राचार्य का पद रिक्त पड़ा हुआ है जिस कारण स्कूल का मैनेजमेंट भी बन्द पड़ा है। छात्राओं से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि हमारी नई हाई स्कूल बिल्डिंग बनकर तय्यार हो चुकी है जिसका उद्घाटन भी मंत्री जी द्वारा हो चुका है पर अभी तक हमारी स्कूल को वहाँ शिफ्ट नहीं किया गया है जिस कारण हमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्कूल में न फर्नीचर है न बैठने की व्यवस्था, एक कमरे में हम इतने सारे नहीं बैठ सकते जिस कारण मजबूरन हमें बाहर बैठकर पढ़ाई करना पढ़ रहा है।

बालिकाओं को यहां पढ़ाई करने में बड़ी परेशानी आती है जगह का अभाव होने के कारण छात्राएं बाहर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं, हमने कई बार विभाग के बड़े अधिकारों को अवगत करवाया है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है: परमार जी प्रभारी प्राचार्य कन्या हाई स्कूल कल्यानपुरा।

इस सम्बंध में जिला सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य के मोबाइल सम्पर्क करना चाहा तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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