हाशिम अंसारी, ब्यूरो चीफ, सीतापुर (यूपी), NIT:
पर्यावरण संरक्षण हेतु छात्र-छात्राओं में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए हाजी नवाब अली डिग्री कॉलेज लहरपुर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर विभिन्न वक्ताओं ने वृक्षों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की और छात्रों द्वारा वृक्षों का रोपण कर उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया गया। प्रबंधक मोहम्मद जुबेर में उपस्थित छात्र-छात्राओं वह अन्य लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि, पेड़ हमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष जीवन प्रदान करता है क्योंकि ये ऑक्सीजन उत्पादन, CO2 उपभोग का स्रोत, और बारिश का स्रोत है। प्रकृति की तरफ से धरती पर मानवता को दिया गया ये सबसे अनमोल उपहार है जिसका हमें आभारी होना चाहिये तथा इसको सम्मान देने के साथ ही मानवता की भलाई के लिये संरक्षित करना चाहिये। हमें अपने जीवन में पेड़ के महत्व को समझना चाहिये और जीवन को बचाने के लिये, धरती पर पर्यावरण को बचाने के लिये और पृथ्वी को हरित पृथ्वी बनाने के लिये पेड़ों को बचाने के लिये अपना सबसे बेहतर प्रयास करना चाहिये। पेड़ सोने की तरह मूल्यवान है इसी वजह से इन्हें धरती पर “हरा सोना” कहा जाता है। संपत्ति के साथ ही हमारी सेहत का ये वास्तविक स्रोत हैं क्योंकि ये ऑक्सीजन, ठंडी हवा, फल, मसाले, सब्जी, दवा, पानी, लड़की, फर्नीचर, छाया, जलाने के लिये ईंधन, घर, जानवरों के लिये चारा आदि बहुत कुछ उपयोगी देता है। पेड़ सभी CO2 उपभोग करता है, जहरीले गैसों से हवा को ताजा करता है और हमें वायु प्रदूषण से बचाता है। प्राचार्य डा० बालकृष्ण श्रीवास्तव ने वृक्षों के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा, पेड़ हमारे जीवन में भोजन और पानी की तरह ही महत्वपूर्ण हैं। पेड़ के बिना जीवन बहुत कठिन बन जायेगा या हम कह सकते हैं कि जीवन खत्म हो जायेगा क्योंकि हमें स्वस्थ और समृद्ध जीवन देने में पेड़ बहुत मुख्य पहलू है। आज के दिनों में पेड़ बचाओ महत्वपूर्ण सामाजिक जागरुकता है और शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी के जीवन में जोड़ा गया है। आमतौर पर इस विषय को विद्यार्थियों को कक्षा में चर्चा के लिये या स्कूली परीक्षा अथवा अन्य प्रतियोगिता में दिया जाता है। इसके उपरांत विद्यालय प्रवक्ता कौशल आनंद ने वृक्षारोपण के विषय को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्षारोपण के सबसे सामान्य उद्देश्यों में से एक वनों को बढ़ावा देना है। पृथ्वी पर पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए वन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हमारे ग्रह का एक प्रमुख हिस्सा जंगलों के साथ ढंका गया है। हालांकि औद्योगिक युग की शुरुआत के बाद से वन तीव्र गति से काटे जा रहे हैं। हालांकि वृक्ष स्वाभाविक रूप से विकसित होते हैं लेकिन वनों की कटाई की वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए हमें अपनी ओर से अपना योगदान देना जरूरी है। वृक्षारोपण इस प्रयोजन के लिए किया जाता है। वृक्षारोपण की मदद से वन तेजी से उगाए जा सकते हैं। वृक्षारोपण के मौके पर प्रबंधक मोहम्मद जुबेर, प्राचार्य डॉ बालकृष्ण श्रीवास्तव, मोहम्मद हाशिम अंसारी पत्रकार, एन०के० विश्वकर्मा पत्रकार, कौशल आनंद, अजीत वर्मा, पीयूष त्रिवेदी, मुमताज अली, आलोक सक्सैना, अरशद अंसारी, सरताज अंसारी, मोहम्मद अकीद अंसारी समेत प्रवक्ता गण एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
