लूट के इरादे से घूम रहे "टक-टक" गिरोह के 9 बदमाशों को कल्याण एंटी रॉबरी स्कॉड ने किया गिरफ्तार | New India Times

शारिफ अंसारी, ब्यूरो चीफ, थाना (महाराष्ट्र), NIT:

लूट के इरादे से घूम रहे "टक-टक" गिरोह के 9 बदमाशों को कल्याण एंटी रॉबरी स्कॉड ने किया गिरफ्तार | New India Times

लूट के इरादे से घूम रहे “टक-टक” गिरोह के 9 अपराधियों को कल्याण एंटी रॉबरी स्कॉड ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों पर महाराष्ट्र के अन्य राज्यों में 50 से भी अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और केवल ठाणे जिला के विभिन्न पुलिस थानों में 15 से 20 मामले इनके ऊपर पहले भी दर्ज हैं। परिमंडल 3 पुलिस के लिए यह पहली ऐसी बड़ी कामयाबी है जिसमे 9 आरोपी धरदबोचे गए हैं। यह जानकारी मंगलवार को कल्याण परिमंडल 3 के डीसीपी विवेक पानसरे, एसीपी अनिल पवार के मार्गदर्शन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक टक-टक गैंग के सरगना सालोफन लाजर गोगुला और उसके साथियों ने केवल महाराष्ट्र में ही नहीं बल्कि अन्य राज्य आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में 50 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुके हैं। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी दक्षिण भारत के रहने वाले हैं और इन्हें टक-टक गैंग के नाम से जाना जाता है। सोमवार को स्कॉड टीम ने मोटरसाइकिल पर घूम रहे आलियाराज केशवराज को हिरासत में लेते हुए पूछताछ किया जिससे पता चला कि गैंग का मुखिया सालोफ़न गोगुला अपने साथियों के साथ कल्याण पश्चिम के मुरबाड रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक लूटने के लिए आने वाला है। ज़ोन 3 एंटी रॉबरी स्कॉड ने बैंक परिसर में जाल बिछाकर बैंक लूटने से पहले 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में टक-टक गैंग का सरगना सालोफ़न गोगुला, संजय नायडु, बेंजीमन इरगदीनल्ला, दासु येडडा, अरुण कुमार पेटला, राजन गोगुला, मोशा याकूब और डैनियल अकुला को डकैती डालने के पहले ही दबोच लिया। पुलिस ने इनके पास से चापर, चाकू, रस्सी, बाइक, 25 मोबाइल फोन, 30 सिमकार्ड, मिरची पावडर, कांच काटने वाली मशीन, हेल्मेट, खुजली पाउडर सहित भारी मात्रा में सामान बरामद किया है।

टक टक गैंग का मुख्य काम था कि बैंक से पैसा निकालने वाले लोगों को अपनी बातों में फंसा कर उनसे पैसा ले लेते थे जैसे शर्ट पर गन्दा लगा है, आप का पैसा नीचे गिरा है।बैंक से पैसे निकाल कर जा रहे व्यक्ति का पर्स लूटकर फरार हो जाना, कार के कांच को टक टक कर कांच खुलने पर उन्हें लूटना इस गिरोह का मुख्य काम था। कई राज्य की पुलिस इस गिरोह की तलाश सरगर्मी से कर रही थी और आखिरकार कल्याण पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया की क्राइम करने वाला कितना भी चालाक क्यों न हो एक न एक दिन कानून का शिकंजा ऊपर कसेगा जरूर।

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