संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

21जून 2019 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर स्थानीय स्तर पर प्रोग्राम का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में यहां अति महत्वपूर्ण विभिन्न योग इस मौके पर किये गए। अति महत्वपूर्ण और लाभदायक योग – महत्व बढ़ाता और दर्शाता है। आज भारत समेत दुनिया भर में अन्तर्राष्टीय योग दिवस (International Yoga Day) मनाया जा रहा है।

सुरेश नगर थाटीपुर में ग्वालियर में हुए योग कार्यक्रम में श्रीप्रकाश सिंह निमराजे गोपाल किरण समाज सेवी संस्था
ने भाग लिया। योग अनुशासन है, समर्पण है और इसका पालन पूरे जीवन भर करना होता है। योग आयु, रंग, जाति, संप्रदाय, मत, पंथ, अमीरी-गरीबी, प्रांत, सरहद के भेद से परे है। योग सबका है और सब योग के हैं। भगवान बुद्ध जी के समय से योगाभ्यास को जीवनशैली का हिस्सा माना जाता था। आज बीमार होने के बाद योगाभ्यास की ओर झुकाव होता है। नियमित योगाभ्यास से कई बीमारियां जड़ से दूर होती हैं और कई बीमारियां पैदा ही नहीं होतीं। विभिन्न बीमारियों के संदर्भ में इनकी भूमिका को बारे में समझते हैं, कई आसन ऐसे हैं जिन्हें जीवनशैली में शामिल कर नियमित अभ्यास क्रम में रखा जाना चाहिए। आज के बदलते हुए समय में इलनेस से बचाव के साथ-साथ वेलनेस पर हमारा फोकस होना जरूरी है. यही शक्ति हमें योग से मिलती है, यही भावना योग की है, कहा, ‘योग की यात्रा शहरों से गांवों की तरफ ले जानी है, गरीब और आदिवासी के घर तक ले जानी है. योग को गरीब और आदिवासी के जीवन का भी अभिन्न हिस्सा बनाना है. क्योंकि ये गरीब ही है जो बीमारी की वजह से सबसे ज्यादा कष्ट पाता है.’ मैं आप सभी से योग को अपनाने और इसी तरह अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह करता हूं.इस वर्ष कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘हृदय के लिए योग’ निर्धारित है.
यह बात श्रीप्रकाश सिंह निमराजे, गोपाल किरण समाज सेवी संस्था ने गोपाल किरण समाज सेवी संस्था एवं चाइल्ड राइट ऑब्जर्वेटरी (सीआरओ) मध्यप्रदेश की इकाई चाइल्ड राइट फोरम द्वारा सुरेश नगर हनुमान पार्क, ठाठीपुर, ग्वालियर में की . जहाँआरा जी ने कहा कि ,योग हमारे शरीर, मन और आत्मा को एक सूत्र में जोङकर आत्मिक शांति प्रदान करने का साधन है इससे शरीर निरोग रहता है मन प्रसन्न रहता है और बुद्धि स्वास्थ्य रहती है भारतीय परंपरा के प्रतीक योग को मान्यता प्रदान कर संयुक्त राष्ट्र संघ ने हर वर्ष 21जून को अंतर्राष्टीय योग दिवस के रूप में मनाने का निर्णय किया ।वैशविक हितों से जुङे योग को पूरी दुनिया के देशो ने सहर्ष अपनाया और विश्व के आरोग्य रहने का मिलमंत्र भारत से साझा किया । डी.के.गुप्ता ,एस. पी.गुप्ता, चतुर्भुज जी,आदि ने संबोधित किया और सुंदर गाने की प्रसूति माधोसिंह सागर ने की प्रोग्राम से पहले चतुर्भुज ने सभी को योग सिखाया।
कार्यक्रम में लोकल रहवासियों के साथ उपस्थित रहे एस. पी. गुप्ता, चारु त्यागी, नरानी बाई, उर्मिला शाक्य, कु. अलका पनशी, प्रवीण, सरला खरे, मंजू चारु, दया गुप्ता, सुमन अग्रवाल, रेखा तिवारी, शिवप्रकाश शुक्ला, अंशिका, मीरा जी, राधा वलभ भार्गव, माधव सिंह, आदि।
सभी को स्वलपहार की व्यवस्था की गई एवं प्रोग्राम संचालन जहाँआरा ने और धन्यवाद ज्ञापित अलका पंची ने किया।
