छात्राएं गुड और बैड टच को समझें ताकि गंदी मानसिकता वालों को सामने लाया जा सके: श्रीप्रकाश सिंह निमराजे | New India Times

संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

छात्राएं गुड और बैड टच को समझें ताकि गंदी मानसिकता वालों को सामने लाया जा सके: श्रीप्रकाश सिंह निमराजे | New India Times

गोपाल किरण समाज सेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने परिचर्चा के दौरान कहा कि छात्राएं गुड और बैड टच को समझें ताकि गंदी मानसिकता वालों को सामने लाया जा सके। गुड टच और बैड टच को छात्राओं को समझना होगा क्योंकि उनके ही निकट का कोई रिश्तेदार, मिलने वाला या फिर पढ़ाने वाला तक उनके साथ गलत टच कर सकता है। इसे छात्राओं को समझना होगा। बैड टच की प्रक्रिया छात्राएं समझ गईं तो इससे वह ऐसे छुपे हुए आरोपी सामने आ सकती हैं जो कि गंदी मानसिकता के शिकार होते हैं।

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श्रीप्रकाश सिंह निमराजे, गोपाल किरण समाज सेवी संस्था ने गोपाल किरण समाज सेवी संस्था एवं चाइल्ड राइट ऑब्जर्वेटरी (सीआरओ) मध्यप्रदेश की इकाई चाइल्ड राइट फोरम द्वारा बाल पंचायत में सामुदायिक भवन मल्टी ट्रेचिंग ग्राउंड वॉर्ड न. 23, ठाठीपुर, जिला- ग्वालियर में
आयोजित परिचर्चा में भाग लेते हुए छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल में यदि कोई बैड टच करता है तो आपको अपने शिक्षक से इसकी शिकायत करनी चाहिए। यदि स्कूल से बाहर कोई हरकत करता है तो आपको बिना देरी किए अपने माता पिता को इसकी सूचना देनी चाहिए। इससे यह होगा कि आगे वह गंदी मानसिकता का आरोपी किसी अन्य छात्रा को परेशान नहीं कर सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि बालश्रम उन्मूलन के लिए समाज में ऐसा माहौल बनाने की आवश्यकता है
जिससे हर घर में ये भावना फैले कि बालक और बालिका से श्रम कराना अन्याय है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सभी बच्चे शिक्षा से जुडें यह हम सभी का प्रयास ही नहीं बल्कि संकल्प भी होना चाहिये। कार्यक्रम के आरंभ में बाल पंचायत आयोजन समिति की राधा सैनी
ने अतिथियों का स्वागत किया और छात्राओं को उनकी बात गंभीरता से सुनने की बात कही। एमपीई कॉप की जानकारी देते हुए कहा कि इस एप में पंजीकृत करने पर परिवार के चार सदस्यों के नंबर पंजीकृत हो जाएंगे और पुलिस को भी इसी के जरिए संदेश पहुंच जाएगा। इसे आपातकालीन सुरक्षा संबंधी जानकारी भी बताया।

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जहाँआरा जी ने जर्नल नॉलेज के जानकारी लेने के बाद बताया कि पॉक्सो अधिनियम 2012 की धारा- 4, 5, 6, 9, 14, 15 और 42 में संशोधन बाल यौन अपराध के पहलुओं से उचित तरीके से निपटने के लिए किया गया है। अधिनियम की धारा 4, 5 और 6 में संशोधन किए जाने का प्रस्ताव किया गया है, ताकि बच्चों का आक्रामक यौन उत्पीड़न करने के मामले में मौत की सजा सहित कठोर सजा का प्रावधान हो। इसमें कहा गया है यह संशोधन देश में बाल यौन अपराध की बढ़ती हुई प्रवृति को रोकने के लिए कठोर उपाय करने की जरूरत के तहत किया जा रहा है। इसके मुताबिक अधिनियम में 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को बच्चा परिभाषित किया गया है। यह लैंगिक रूप से निरपेक्ष कानून है। संशोधन में प्राकृतिक संकटों और आपदाओं के समय बच्‍चों के यौन अपराधों से संरक्षण और आक्रामक यौन अपराध के उद्देश्‍य से बच्‍चों की जल्‍द यौन परिपक्‍वता के लिए उन्हें किसी भी तरीके से हार्मोन या कोई रासायनिक पदार्थ देने के मामले में अधिनियम की धारा 9 में संशोधन करने का भी प्रस्‍ताव किया गया है। बाल पॉर्नोग्रफी की बुराई से निपटने के लिए पॉक्‍सो अधिनियम, 2012 की धारा 14 और धारा 15 में भी संशोधन का प्रस्‍ताव किया गया है। बच्‍चों से संबद्ध पॉर्नोग्रफिक सामग्री को नष्‍ट नहीं करने/डिलीट नहीं करने पर जुर्माना लगाने का प्रस्‍ताव किया गया है। साथ ही, इस तरह की चीजों को अदालत में साक्ष्य के तौर पर पेश करने सहित कुछ मामलों को छोड़ कर अन्य किसी भी तरह के इस्तेमाल में जेल या जुर्माना, या दोनों सजा हो सकती है। इसमें व्‍यापारिक उद्देश्‍य के लिए किसी बच्‍चे की किसी भी रूप में पॉर्नोग्रफिक सामग्री का भंडारण करने या उस सामग्री को अपने पास रखने के लिए दंड के प्रावधानों को अधिक कठोर बनाया गया है। यह संशोधन देश में बाल यौन उत्पीड़न की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने की जरूरत के तहत सख्त उपाय करने के लिए किया गया है। उजवाल राजावत (नगर निगम ग्वालियर)

बाल अधिकारों के संरक्षण करने हेतु आवश्यक प्रयास

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बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता के माध्यम से भावी पीढ़ियों को अधिकार सम्पन्न किया जा सकता सके।अतः हम सबको अधिकारों के प्रति अधिक से अधिक जागरूक करना चाहिए। साथ ही किशोर न्याय अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, शिक्षा का अधिकार के प्रावधानों व प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में आवश्यक जानकारी दी। प्रीती जोसी ने बच्चो को लेंगिक भेदभाव की पहचान कैसे की जाती है के बारे मे बात करते हुए गुड टच और बैड को लेकर खेल खिलाया और और उस खेल के अनुभव को सभी से शेयर करने को कहा गया, प्रिति ने लैंगिक हिंसा से बालकों का संरक्षण अधिनियम के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।बाल पंचायत में आज प्रमुख रूप से प्रिति पंडित (नगर रक्षा समिति, विनयलता, स्वाति, संगीत वाजपेय, मनीष, कौशल, गिरजा, गीता आदि के साथ बच्चे एवं जिला बाल अधिकार फोरम सदस्य, गोपाल किरण समाज सेवी संस्था के सदस्य उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन जहाँआरा ने किया और आभार प्रदर्शन गोपाल सिंह ने किया। कार्यक्रम की व्यवस्था राधा सेनी ने कि।
अंत मे बच्चो की स्वपल हार की व्यवस्था जहाँआरा और गोपाल सिंह ने किया।

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