ओवैस सिद्दीकी, ब्यूरो चीफ, अकोला (महाराष्ट्र), NIT:

बीते माह गुजरात राज्य के सूरत जिले के कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में करीब19 विद्यार्थियों के मारे जाने की घटना से सभी वाकिफ हैं तथा पालकों के उस दर्द की इन्तिहा हमने यहाँ महसूस भी की लेकिन क्या आपने सोचा है कि सूरत जैसा हादसा अकोला में भी हो सकता है। जिन कोचिंग क्लासों में आपके बच्चें पढ़ रहे हैं उनमें से अधिकतर के पास फायर की एनओसी तक नहीं है, कई क्लासेस ऐसी स्थानों पर है जहाँ अग्निशमन दल की गाड़ी भी पहुंचने में काफी दिक्कतें पेश आ सकती है। अच्छी शिक्षा एवं मार्गदर्शन के नाम पर पालको से मोटी रक्म वसूलने वाले, विद्यार्थियों एवं पालकों को बड़े बड़े ख्वाब दिखाने वाले इन क्लासेस के पास जरूरी दस्तावेजों की भी कमी है। सवाल यह उठ रहे हैं कि क्या शहर में गली मोहल्ले से लेकर बड़ी इमारतों तक में संचालित इन कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा के पूरे इंतजाम मानक के अनुसार हैं? सूरत की घटना के बाद हरकत में आया अग्निशमन विभाग अब इन कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की परख करने का अभियान छेड़ रहा है। मानक पूरा नहीं करने वाले कुछ सेंटर संचालकों को नोटिस थमाया गया एवं कुछ पर करवाई भी गई लेकिन प्रशासन की यह करवाई हास्यस्पद है क्योंकि एक अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 500 से 600 छोटी बड़ी क्लासेस हैं लेकिन प्रशासन द्वारा अब नींद से जागते हुए करीब 60 क्लासेस को नोटिस दिए गए हैं। अधिकांश कोचिंग सेंटरों में फायर एग्सटिंगग्यूशर नहीं हैं। कामर्शियल कांप्लेक्स में संचालित कुछ बड़े कोचिंग सेंटर में सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं लेकिन इनमें आपातकालीन निकास द्वार तक नहीं है। अब फायर अधिकारी इन कोचिंग सेंटरों को चिह्नित कर नोटिस देने और सुरक्षा इंतजामों की जांच करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा बिना आयुक्त की अनुमति के वे बाइट नहीं दे सक्ते।
आयुक्त छुट्टी पर, फायर ऑफिसर छुट्टी पर, उपयुक्त नहीं दे सकते बिना इजाजत बाइट
शहर में संचालित क्लासेस की फायर एनओसी संबंधी प्रतिक्रिया लेने हेतु आयुक्त एवं फायर अफसर के दफ्तर पहुंचे संवाददाता को बताया गया कि आयुक्त महाशय एवं फायर ऑफिसर छुट्टी पर हैं। इस संदर्भ में उपायुक्त म्हासाळ से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि करीब 60 क्लासेस को नोटिस दिया गया एवं 20 पर करवाई की गई है।
मनपा प्रशासन की कार्रवाई हास्यास्पद
अकोला अधिक तापमान के लिए पूरे प्रांत में जाना जाता है। बीते कुछ दिनों शहर का तापमान दुनिया का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया था लेकिन इस समय भी मनपा प्रशासन के अधिकारी अपने एसी लगे कार्यालयों में आराम फरमा रहे थे। इस दौरान अगर कोई हादसा पेश आ जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता क्योंकि एक कर्मचारी ने दबी आवाज में बताया है कि फायर एनओसी की कार्रवाई सूरत अग्निकांड के बाद से शुरू की गई है। एक अनुमान के मुताबिक शहर में छोटी बड़ी करीब 500 से 600 क्लासेस संचालित हैं जिनमें अधिकतर के पास फायर एनओसी समेत अन्य कई दसतावेज नहीं हैं तथा कार्रवाई नोटिस केवल 60 क्लासेस को देना हास्यस्पद है तथा मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न है।
