पुलिस की मिलीभगत से गरीब की जमीन पर अवैध कब्जा कर अवैध निर्माण करने का लगा आरोप | New India Times

वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

पुलिस की मिलीभगत से गरीब की जमीन पर अवैध कब्जा कर अवैध निर्माण करने का लगा आरोप | New India Times

जहां प्रदेश सरकार एक तरफ अवैध कब्जे को लेकर संवेदनशील है और एंटी भूमाफिया जैसे कानून के जरिये भू माफियाओं पर नकेल कसने का काम कर रही है वहीं सिंगाही पुलिस इस अभियान को पलीता लगाने में कोई कसर नही छोड़ रही है। थाना क्षेत्र के कस्बा सिंगाही वार्ड नम्बर 11 निवासी जय शंकर मिश्रा ने मीडिया को बताया की उनकी नम्बरी पुस्तैनिक भूमि पर टाउन के ही एक दबंग व्यक्ति रोसन लाल गोस्वामी ने अपने दबंग पुत्र मनोज कुमार गोस्वामी जिसका सत्ता पक्ष से अच्छा तालमेल है, दोनों मिलकर उसकी ही भूमि पर अवैध कब्ज़ा करने हेतु नींव खुदवा दी, जब उसने अवैध कब्जे का विरोध किया तो जान से मरवा देने की धमकी दी। इस पर पीड़ित ने टाऊन में प्रार्थना पत्र देकर काम रुकवाने की गुहार लगायी पर टाउन के ईओ ने अनसुनी कर दी, इसके बाद पीड़ित ने स्थानीय थाने में तहरीर दी पर कोई कार्यवाही नहीं हुयी।

पुलिस की मिलीभगत से गरीब की जमीन पर अवैध कब्जा कर अवैध निर्माण करने का लगा आरोप | New India Times

उसके बाद तहसीलदार निघासन, एसडीएम निघासन को प्रार्थना पत्र दिया जिसमें तहसीलदार निघासन धनमेंद्र पांडेय ने ईओ अनिरुद्ध पटेल और स्थानीय पुलिस को जांच के लिए कहा लेकिन हद तो तब हो गई जब सिंगाही थाने में तैनात कस्बा दरोगा वीरपाल सिंह ने पीड़ित परिवार को ही धमकी दे डाली और कहा की दीवार बन जाने दो काम न रोकना। इस बाबत में जब 6 मई को पीड़ित ने एसओ के सीयूजी नम्बर पर फ़ोन करके सूचना देनी चाही कि मौके पर कस्बा इंचार्ज ने कोई कार्यवाही नहीं की है तो जवाब में एसओ साहब ने गुस्से में यहां तक कह दिया कि पुलिस आपकी जमीन को देखे या लोकसभा चुनाव में धौरहरा में डयूटी करूं। आरोप है की उसके बाद 7 अप्रैल को कस्बा इंचार्ज वीरपाल सिंह ने पीड़ित को थाने में बुलाकर काफी डराया धमकाया और कहा कि दीवार बन जाने दो काम न रुकवाना, अगर काम रोका तो मुकदमा लिख दूंगा। इसके बाद पीड़ित मायूस होकर थाने से घर वापस चला आया। इस प्रकरण में अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुयी है। पीड़ित ने शासन प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version