बहराइच जिला अस्पताल में दलालों और डॉक्टरों द्वारा गरीब मरीजों को लूटने का आरोप, सरकारी डॉक्टरों पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने का आरोप | New India Times

फराज अंसारी, बहराइच ( यूपी ), NIT; ​बहराइच जिला अस्पताल में दलालों और डॉक्टरों द्वारा गरीब मरीजों को लूटने का आरोप, सरकारी डॉक्टरों पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने का आरोप | New India Times

बहराइच जिला अस्पताल में जनपद के कोने कोने से हर तरह के मरीजों का आना जाना लगा रहता है। यहां सुबह से लेकर दो बजे तक और शाम से लेकर सुबह तक दो पाली में दलालों द्वारा जिला अस्पताल के साथ ही अस्ताल के एमरजेन्सी तक कब्जा रहता है। यह दलाल किस मरीज को भर्ती करना और किसे रेफर करना में अपनी दखल बनाए रहते हैं और अस्पताल का अमला भी इनके के इशारों पर काम करता है।​बहराइच जिला अस्पताल में दलालों और डॉक्टरों द्वारा गरीब मरीजों को लूटने का आरोप, सरकारी डॉक्टरों पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने का आरोप | New India Timesविश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मरीज की मेहनत की गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा दलाली में जाता है। डॉक्टर इन दलालों को मरीज की गाढ़ी कमाई की मोटी रकम कमीशन के रूप में देते हैं।आरोप है कि डॉक्टर मरीजों से अपनी फीस में दलाल की दलाली भी वसूल करके दलालो को देते हैं। आरोप है कि यह सरकारी डॉक्टर जिला अस्पताल में दस बजे के बाद अपने-अपने कमरे में बैठते है और वह प्राइवेट रूप से मरीजों को देख कर उनसे मोटी फीस वसूल करते हैं। यहीं पर चलता है दलालों की दलाली का घिनौना खेल। मरीज को जिला अस्पताल में सही इलाज़ न होने व अच्छे डॉक्टर से मिलवाने के बहाने इन डॉक्टरों के प्राइवेट नर्सिंग होम तक बहकाकर यह दलाल ले जाते हैं। मरीजों प्राइवेट नर्सिंग होम तक पहुंचाना देने पर दलालों का काम खत्म हो जाता है। अब डॉक्टर दलालों की हिस्से की एक मोटी रकम गरीब मरीजों से वसूल कर बाद में दलालों को दे देता है। पूरे खेल में डाक्टरों और दलालों की मिलीभगत रहती है। ​बहराइच जिला अस्पताल में दलालों और डॉक्टरों द्वारा गरीब मरीजों को लूटने का आरोप, सरकारी डॉक्टरों पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने का आरोप | New India Timesमरीजों की लूट खसोट कोई नई बात नहीं है। डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस के अन्नदाता यही दलाल लंबे समय से बने हुए हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि दलालों के सामने जिला अस्पताल के सी एमसएस के सारे दावे खोखले साबित हो रहे हैं। आरोप है कि सीएमएस डॉ डी के सिंह की जानकारी में ये दलाल और डॉक्टर मलाई काट रहे हैं। लोगों ने डॉ डी के सिंह और स्वास्थय विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जब बगल में डॉ डी के सिंह ऑफ़िस में रहते हैं और जिला अस्पताल में कुछ जगहों छोड़ कर हर जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं तो उनकी नजर इस पर क्यों नहीं जा रही है  जबकि इनका कंट्रोल सीएमएस साहब की ऑफिस से ही होता है। लोगों का कहना है कि डॉक्टर डी के सिंह कभी ये जरूरी नहीं समझते हैं कि जिला अस्पताल धूमकर देख लिया जा  एक बड़ा सवाल यह भी है कि किसके इशारे पर डॉक्टर बाहर की दवायें ख़ुलेआम लिख रहे हैं, जिसमें भी एक मोटी कमीशन डॉक्टरों की बंधी हुई है?  

कुछ लोगों ने सीएमएस डॉ डी के सिंह पर भी शक का इजहार किया है।

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