पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (मप्र), NIT:

लंबे अरसे के बाद सोमवार को महाशिवरात्रि का पर्व होने से श्रध्दालुओं ने शिव मंदिरों मेें आस्था श्रद्धा और विश्वास का समागम के साथ सुल्तानपुर के पास अतिप्राचीन गंगामहादेव मंदिर मेें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सुख शांति और अमन चैन की कामना की। यहाँ पर दूर – दूर के श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भोले बाबा का अभिषेक किया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर आस्था श्रद्धा और विश्वास का समागम श्रध्दालुओं मेें दिखाई दिया, बाबा भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया गया।
गंगामहादेव मंदिर की विशेषता यह है, कि यह स्थल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध है। यह मंदिर चारों ओर से हरे-भरे वृक्षों और पहाडी के बीच में बसा हुआ एक प्रसिद्ध मंदिर है। यहाँ पर एक झरना भी है जो कि आकर्षण का केंद्र है। यहाँ पर दूर – दूर से श्रध्दालुगण आते हैं और बाबा भोलेनाथ का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं । महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ पर मेला लगता है इस के साथ ही आदिवासियों का प्रसिद्ध भगोरिया पर्व की शुरुआत हुई। यहाँ पर आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्र के मादल की थाप पर नाचते हुए भगोरिया पर्व की शुरुआत करते हैं। श्रध्दालुगण की भीड़ सुबह से शाम तक चलती रही।
