संदीप शुक्ला/शिल्पा शुक्ला, ग्वालियर (मप्र), NIT:

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने आज क्षत्री परिसर में स्थित कैलाशवासी श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित की। यह वर्ष राजमाता जी का जन्म शताब्दी वर्ष है। इस अवसर पर राजमाता जी की पुत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया भी उपस्थित रहीं।
सरसंघचालक भागवत ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि राजमाता जी ने हिन्दुत्व के लिए जीवन जिया, राजमाता जी का कृतित्व भारतीय समाज को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि विश्व हिन्दू परिषद, विद्या भारती, भारतीय जनता पार्टी सहित अनेक संस्थाओं को अपने स्नेह से अभिसिंचित करने वाली राजमाता सिंधिया का यह जन्म शताब्दी वर्ष है। ग्वालियर आगमन पर उनको नमन करने संघ के वरिष्ठ अधिकारी आज प्रात: क्षत्री परिसर पहुंचे। इस अवसर पर स्वर्गीय राजमाता की पुत्री एवं विधायक श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया भी उपस्थित थी। श्रीमति राजे ने इस अवसर पर नीलेश करकरे की शिंदे राजवंश के इतिहास पर लिखित पुस्तक भी भेंट की।
श्री भागवत के साथ श्रद्धासुमन अर्पित करने के अवसर पर सह सर कार्यवाह द्वय श्री सुरेश सोनी, डॉक्टर कृष्णगोपाल, क्षेत्र प्रचारक दीपक विसपुते, सह प्रान्त संघचालक अशोक पांडे, प्रान्त प्रचारक अशोक पोरवाल एवं सह प्रान्त कार्यवाह यशवंत इंदापुरकर भी उपस्थित थे।
