हनीफ खान, ब्यूरो चीफ, मिर्जापुर (यूपी), NIT:

भारतीय शैक्षिक संस्थानों में शिक्षा के स्तर को मजबूत व संस्कारिक बनाये रखने के लिए भारतीय छात्र उत्थान समिति के संरक्षक सामाजिक कार्यकर्ता विजय शंकर यादव ने देश के प्रधानमंत्री को पत्र प्रेषित कर मांग की है। लिखे पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि….
छात्रसंघ का चुनाव इसलिए होता है कि छात्र अपना नेता चुने और छात्रों की समस्याओं का निदान कराये। पर छात्रसंघ सिर्फ राजनैतिक दलों के प्रचार प्रसार का जरिया बन गया है। छात्रसंघ के चुनाव पर जो खर्च आता वो खर्च छात्रों के फीस से वशूला जाता है। निर्वाचित छत्रसंघ के पदाधिकारी किसी न किसी राजनैतिक दल की सदस्यता ले कर पूरे समय कालेज कैम्पस को किसी न किसी दल का अखाड़ा बना देते है। दलों के रणनीतिक ब्यक्ति पूरे समय छत्रसंघ के पदाधिकारियों को अपने दल के प्रचार प्रसार के लिए इस्तेमाल करते है। दल विशेष के नेता द्वारा छत्रसंघ उदघाटन के नाम पर विवाद का रूप धारण होना स्वभाविक हो जाता है। संगठन माननीय प्रधानमंत्री महोदय से छात्र हीत में निम्म मांग करता है।…..
1 छात्रसंघ के निर्वाचित पदाधिकारी यदि किसी दल की सदस्यता लेते है। तो उनको छत्रसंघ के पद से निष्कासित किया जाये।
2 कॉलेज विश्व विद्यालयों में राजनैतिक दलों के प्रचार प्रसार पर पूर्णतया रोक लगे।
3 छात्रसंघ उदघाटन बरिष्ठ शिक्षक समाजसेवी पत्रकार संगीतकार कबि खेलाड़ी प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारिओ इत्यादि ऐसे ब्यक्तियो द्वारा कराया जाये। जो किसी राज नैतिक दल विशेष का सदस्य न हो। यदि आप द्वारा इस तरह के सख्त निर्देश जारी किए जाए। तो छात्र संघ विवादों से दूर रहेगा। राजनैतिक दल अपने फायदे के लिए छात्रों को इस्तेमाल नही कर सकेंगे।
महोदय संज्ञान में ले-2004 में छात्रों के मौलिक अधिकार की आवाज उठाते हुए हमें जीते जी जलना पड़ा था। क्योंकि की हमारे पीजी कॉलेज ओबरा (सोनभद्र यूपी) को उस समय का सत्ताधारी सपा का पदाधिकारी नेता अपने प्रभाव में ले रखा था। मुझे तो न्याय नही मिल सका। पर छात्रसंघ व छात्रों के न्याय के लिए सदैव भारतीय छात्र उत्थान समिति के माध्यम से आवाज उठाता रहता हूं।
