फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ, बहराइच (यूपी), NIT:

शुक्रवार शाम को कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के ककरहा वन रेंज के जंगल से सटे गूढ़ के निबिया निवासी पुत्तू आर्या का 13 वर्षीय पुत्र बिन्द्रा आर्या खेत से मवेशियों के लिये काटा गया चारा उठाने गया था कि उसी दौरान उस पर झाड़ियों से निकले बाघ ने हमला कर दिया। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी खोज शुरू की तब गन्ने के खेत की झाड़ियों में बिंद्रा का क्षत विक्षत शव मिला। उसके गले, पीठ और पैर पर गहरे जख्म के निशान थे जिसे देख परिजन रोने बिलखने लगे। परिजनों की चीख पुकार सुन गांव के लोग भी एकत्रित हो गये। गन्ने के आसपास बाघ के पगचिन्ह भी मिले जिससे बाघ के हमले से ही बिन्द्रा के मौत की पुष्टि हूई। ग्रामीणों का कहना है कि एक हफ्ते से बाघ गांव के आसपास दिखाई दे रहा है। वन विभाग को इसकी सूचना लगातार दी जा रही है परन्तु वन विभाग इस ओर कोई ध्यान नही दिया। यदि विभाग ने ध्यान दिया होता तो आज बाघ के हमले में बिन्द्रा की मौत न हूई होती।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गये। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्ट मार्टम के लिये भेज दिया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद मृतक किशोर के परिजनों को मुआवजा प्रदान किया जायेगा।
