अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ धुले/नंदुरबार (महाराष्ट्र), NIT:

शासन के सौतेले व्यवहार के खिलाफ आरटीओ कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश फैला हुआ है। यहां धुलिया संभागीय आरटीओ ऑफिस में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कई कामगार संघटनों ने शुक्रवार को लेखनी बंद हड़ताल कर दिया है। इस हड़ताल में परिवहन विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। सुबह ग्यारह बजे के आसपास परिवहन विभाग के सैकड़ों कर्मचारियों ने अपना कम बंद करके गेट के सामने जमा होकर आन्दोलन में अपनी सहभगिता दर्ज कराई है।

धुलिया प्रादेशिक परिवहन कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा शुक्रवार को अपनी प्रलंबित मांगों को लेकर लेखनी बंद आंदोलन किया। मोटर वाहन विभाग कर्मचारी संगठन के बैनर तले किये जा रहे इस आंदोलन के लिए परिवहन आयुक्त को 28 जनवरी को ही सूचित कर दिया गया था लेकिन इस चेतावनी का सरकार और परिवहन आयुक्त कार्यालय पर रत्ती भर भी असर दिखाई नहीं दिया जिसके चलते यह आंदोलन किया गया जिससे आरटीओ ऑफिस के रोजमर्रा के कार्यो पर असर पड़ा। लेखनी बंद होने के कारण अधिकारी वर्ग हाथ पर हाथ रखे सुस्ताते नजर आए तो वहीं पर जन सामान्य आदमी आंदोलन के कारण दर दर भटकता दिखाई दिए।

परिवहन विभाग में संगणकीय कामकाज में बड़े पैमाने पर बदलाव किये जाने से आकृतिबंध और कार्यालय संरचना समेत विभिन्न प्रलंबित मांगों को लेकर संगठन ने शासन-प्रशासन को निवेदन दिया है। आरटीओ कर्मचारियों का आरोप है कि जनवरी माह की 3 तारीख को राज्यस्तरीय ठिया आंदोलन कर अपनी संतप्त भावनाएं व्यक्त की थी लेकिन सरकार ने कोई रुचि नहीं दिखाई,ऐसे में कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शासन की नीतियों का तीव्र विरोध करने के लिये यह लेखनी बंद आंदोलन का निर्णय लिया गया। इस दौरान कर्मियों ने मांगो का ज्ञापन परिवहन अधिकारी परवेज तड़वी को सौंपकर बताया कि परिवहन विभाग के कर्मियों को सेवा में प्रमोशन नहीं होने के कारण उसी स्थान पर सेवानिवृत्त होना पड़ रहा है। अनेक स्थानों पर सेवा की रिक्तियां खाली पड़ी हैं उसे तुरंत भरने की मांग और सेवा में प्रमोशन लागू करने समेत अन्य मांगों की पूर्ति हेतु ज्ञापन रवि बैसाने, संजय मोरे ,भगवान मोरे, महेश धाकड़, कीर्ति वडगे, संगीता वाघ, संजय विशपुते आदि ने काम बंद कर आंदोलन किया है।
