लखनऊ के मोहनलालगंज मऊ में दबंगों ने तीन महिलाओं पर किया जानलेवा हमला, पुलिस पर पैसे लेकर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप | New India Times

सद्दाम हुसैन, लखनऊ (यूपी), NIT:

लखनऊ के मोहनलालगंज मऊ में दबंगों ने तीन महिलाओं पर किया जानलेवा हमला, पुलिस पर पैसे लेकर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप | New India Timesलखनऊ जिला के मोहनलालगंज मऊ इलाके में कुछ दबंगों ने तीन महिलाओं पर जानलेवा हमला कर गंभीर रूप घायल कर दिया फिर भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज न कर धोखे से पीड़ितों से सुलहनामे हस्ताक्षर करवा कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की है जिससे नाराज हो कर पीड़िताओं ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है।

मिली जानकारी के अनुसार मोहनलालगंज मऊ इलाके की रहने वाली आसमा बानो अली अहमद की जामीन पर अवैध रूप से मोहम्मद रजा शौचलय बनवा रहे थे जिसे लेकर विवाद हुआ। उस समय 100 नम्बर पर पुलिस को फोन कर के शिकायत की गई तो डायल 100 पुलिस ने आकर मामले को सुलह करवा दिया। पीड़िता ने बताया कि उसके बाद मोहम्मद रजा व उनकी पत्नी हसीना और उनके दो बेटे दीन मोहम्मद, मखमूल कहने लगे कि समझौता करवा कर कोई फायदा नहीं हम लोग इस जमीन के लिए कुछ भी करवा सकते हैं तुम हमारा कुछ नहीं कर सकती। उस समय मैने कुछ भी नही बोला वे लोग गाली गलौज करने लगे और कहने लगे की मेरा एक और बेटा है उसका नाम लाला है वह मुम्बई में रहता है उसको बुलाकर मारवाऊंगे लेकिन उसके बाद भी वह कुछ न बोली।

पीड़िता ने संवाददाता को बताया कि उसके बाद आज उनका लडका लाला मुम्बई से आते ही गाली गलौज देने लगा, उस समय आसमा बानो कपडे धो रही थी कि उसी समय हसीना का लडका लाला लोहे की रॉड लेकर लाया और मारने लगा। आसमा की देवरानी बचाने गयी तो उसको भी उसी राॅड से मारा, फिर आसमा की लड़की बचाने के दौड़ कर राॅड को पकड लिया तो उतने में लाला की मां हसीना और उनकी बहू सब लोग मिलकर मरने लगे जिससे आसमा बानो और आसमा की देवरानी सोफिया बानो व उनकी लडकी तरन्नुम के सिर फट गये और तीनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। जब तीनों मोहनलालगंज थाना में शिकायत करने गईं तो पुलिस कोई भी कार्यवाही करने को तैयार नहीं हुए। काफी कहने पर शिकायत लिखी गई और फिर लाला को लाकर थाने में बैठा लिया गया। जब पीड़िताएं वहां से वापस आ गईं तो उसके बाद लाला को भेज दिया गया। जब दोबारा आसमा बानो गई और पुलिस से पूछा कि लाला को क्यों छोड दिया गया तो पुलिस वाले कहने लगे की उसको जमानत पर छुड़ाकर ले गये हैं और मुकदमा भी नहीं दर्ज किया गया साथ ही कहने लगे की आप आई थी और सुलाह कर के गई थीं इस लिये छोड दिया गया है। उसके बाद जब घर वापस आईं तो हसीना और उनके लडके व हसीना के पति कहने लगे कि केस करके मेरा कुछ भी नहीं कर पाओगी क्योंकि हमने थाने में 50000/- रुपए दिये हैं, तुम कुछ भी कर लो मेरा कोई कुछ नहीं कर पाएगा। जब आसमा बानो कहा कि यदि यहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हम एसएसपी आफिस जायेंगे तो हसीना और उनके पति मोहम्मद रजा बोले की यहां तो 50 हजार रुपए तो हम दे ही चुके हैं वहाँ 10000 रूपये और ज्यादा दे देंगे, तुम मेरा कुछ नहीं कर पाओगी।

पीड़ित महिलाओं ने स्थानीय पुलिस के रवैये के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है।

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