अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ नंदुरबार (महाराष्ट्र), NIT:

नंदुरबार जिले की धड़गांव तहसील में मंगलवार को बड़ा हादसा सामने आया है। मकर संक्रांति के अवसर पर नर्मदा स्नान शुभ माना जाता है जिसके चलते आदिवासी समुदाय के एक देहात के करीब 50 लोग नाव में सवार होकर नर्मदा स्नान करने भूषा पाइंट घाट की ओर जा रहे थे। नाव में ओवरलोडिंग था जिसके कारण नाव डूब गया।
जानकारी के मुताबिक, नाव पर 50 से भी ज्यादा लोग सवार थे। नाव असंतुलित होने के बाद उस पर सवार कई लोग नदी में डूब गए। डूबे लोगों को मौके पर पहुँच कर एनडीआऱएफ की टीम लापता लोगों की तलाश कर रही है। नाव पर सवार लोगों में ज्यादातर बच्चे बताए जा रहे हैं।

नाव नर्मदा नदी के भंवर में फंसकर पलटी हो गई जिसमें पांच लोगों की डूब कर मौत हो गई, वहीं पर सात की हालत गंभीर बनी हुई है। उपचार हेतु उन्हें धुलिया, नंदुरबार जिला अस्पताल में रेफर किया गया है। मृतकों में चार बच्चे भी शामिल हैं। जिला प्रशासन ने मौके पर पहुँच गया है।
नंदुरबार के अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवली और आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि नाव में सवार कुछ लोग अब तक लापता बताए जा रहे हैं। घायलों को धड़गांव के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। मंगलवार की देर शाम तक पांच शव मिल चुके हैं जिनकी शिनाख्त भूपेंद्र भरत पावरा, तेलखेडी (4), गिता बिलदार पावरा, तेलखेडी (12), लक्ष्मी भरत पावरा, तेलखेडी (4), तुलसी रतिलाल पावरा, तेलखेडी (5), मातम काल्या पावरा, तेलखेडी (60), वहीं बोद्या धर्मा पावरा, तेलखेडी (70) को गंभीर रूप से घायल है जिन्हें नंदुरबार भेजा गया है।

मकर संक्रांति के अवसर पर लोग नहाने – धोने के लिए नर्मदा नदी के भूषा घाट जाते हैं। दोपहर 3:30 बजे के करीब 50 से अधिक लोग नाव में सवार होकर जा रहे थे कि क्षमता से अधिक बोझ के कारण नाव पलट गई। जिससे कुछ लोग डूब गए और कई घायल हुए। दो दर्जन से भी अधिक लोगों के तैरकर अपनी जान बचाने की जानकारी प्रत्यक्षदर्शियों व ने दी है। नाव डूबने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंच कर एनडीआरएफ की टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए कई लोगों को बचाया। मौके पर पहुंचे नंदुरबार के एसएसपी चंद्रकांत गवली ने बताया कि अभी पूरे मामले की जांच की जा रही है। नाव पर कितने लोग सवार थे, इसकी भी जांच की जा रही है।
