मकसूद अली, ब्यूरो चीफ यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

क्रांतिज्योती सावित्रीबाई फुले ने मनुवादी विचारों के खिलाफ आवाज उठाया था, इसके बाद महिलाओं के लिए उन्होंने शिक्षा के दरवाजे खोले और आज सभी क्षेत्र में महिलाओं ने सफलता हासील की है, लेकिन अब भी कुछ प्रतिगामी विचार महिलाओं को गुलामी में रखना चाहती है।महिलाओं को सन्मान देना ही सावित्रीमाई को सच्ची श्रद्धांजलि रहेगी, ऐसे विचार जिला पंचायत अध्यक्ष माधुरी आडे ने व्यक्त किए हैं। रुई वाई के ग्रामस्थ, बलीराजा चेतना अभियान और युवा शक्ती संघटन की ओर से सावित्री के कन्याओं का सन्मान समारोह आयोजित किया गया इस समय वे बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि स्त्री भ्रूण हत्या का महिलाएं विरोध करें।

कार्यक्रम का उद्धाटन गायत्री ठाकूर ने किया। इस समय जि. प. सदस्य किरण मोघे, रेणू शिंदे, पं.स. सदस्या कांता कांबले का सत्कार किया गया। विद्या घनश्याम ठक संयोजिका, चंद्रकांत हरिभाऊ ऊडाखे सरपंच, सय्यद फरीद सय्यद नवाब उपसरपंच, ब्रह्मानंद काले सभापती, संदीप जीचकार, राजेंद्र इंगले, प्रकाश आरेकर, शेख फिरोज, मंगेश देवकते सैय्यद जुनेद, निलेश तोरकडे, प्रदीप राऊत, घनश्याम ठकशे़, वसीम किरन दीवाने, राम जवके आदि ग्रामवासी इस समय उपस्थित थे।
