मकसूद अली, नागपुर (महाराष्ट्र), NIT;
नागपुर में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी की एकतरफ़ा जीत पर विरोधियों के ही साथ साथ राज्य की सत्ता में सहयोगी शिवसेना भी सवाल उठा रही है। वजह एवीएम मशीन में गड़बड़ी का आरोप बीजेपी पर लगाया जा रहा है और एवीएम मशीन के द्वारा चुनाव प्रणाली को खत्म कर वॉलेट पेपर के द्वारा चुनाव कराए जाने की मांग की जा रही है।
गुरुवार को नागपुर में बीजेपी को छोड़कर लगभग सभी दलों ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। शहर के चिटणीस पार्क इलाके से जिलाधिकारी कार्यालय तक मोर्चा निकाला गया। जिसमें कांग्रेस ,राष्ट्रवादी कांग्रेस, शिवसेना, बसपा, मुस्लिम मंच के अलावा अन्य राजनितिक दल शामिल हुए। प्रदर्शन में शामिल लोगों का एक प्रतिनिधि दल अपने ज्ञापन के साथ जिलाधिकारी सचिन कुर्वे से भी मिला और उन्हें ज्ञापन सौंप एवीएम मशीन से नागपुर मनपा के हुए चुनाव प्रक्रिया की जांच कराये जाने की मांग की।
इस प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शेख हुसैन के मुताबिक जिस तरह के चुनाव परिणाम सामनेएआए हैं, वह आश्चर्यचकित करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हमारा स्पष्ट आरोप है कि एवीएम मशीन में गड़बड़ी कर धांधली हुई है। जिसका परिणाम बीजेपी को छोड़कर चुनाव मैदान में खड़े सभी दलों के उम्मीदवारों को उठाना पड़ा है। हुसैन का कहना है कि चुनाव में खड़ा उम्मीदवार अपनी स्थिति से भलीभांति वाकिफ होता है। लेकिन चुनाव परिणाम के दिन कुछ ऐसा रिजल्ट सामने आया कि जिस स्थान से उम्मीदवार को मत मिलना तय था वहां उसे शून्य मत प्राप्त हुए। उन्होंने उदहारण देते हुए बताया कि प्रभाग 19 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की तरफ से सुशील बालपांडे उम्मीदवार थे। उनके खुद के परिवार में 12 वोट हैं लेकिन उन्हें एक भी मत प्राप्त नहीं हुआ, इससे हैरानी होती है। दूसरा उदाहरण उन्होंने प्रभाग 2 का बताया जहां लगभग 30 हजार मतदान हुआ लेकिन रिजल्ट के दिन लगभग 32 हजार मतों की गणना हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे कैसे हो गया?
एवीएम मशीन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सभी दल के प्रतिनिधि जिलाधिकारी से मिले और जांच की मांग की। जिलाधिकारी से मिलने वालों में हुसैन के साथ सुशील बालपांडे, सुरेश जग्यासी, तीश हरड़े, रमन ठवकर, बंडू तलवेकर, असलम मुल्ला और गौतम पाटिल शामिल थे।
