बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने सब्जी खरीद रहे जिला जेल के प्रधान बंदीरक्षक की गोली मारकर की हत्या | New India Times

दयाशंकर पांडेय, ब्यूरो चीफ प्रतापगढ़ (यूपी), NIT:

बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने सब्जी खरीद रहे जिला जेल के प्रधान बंदीरक्षक की गोली मारकर की हत्या | New India Times

गुरुवार शाम शहर में दुस्साहस का परिचय देते हुए बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने सब्जी खरीद रहे जिला जेल के प्रधान बंदीरक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्यारों ने उन्हें ताबड़तोड़ तीन गोलियां मारीं। घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारे कंधई की ओर भाग निकले। मौके पर पहुंचे एसपी ने बदमाशों के भागने की दिशा में खोजबीन की। बाद में जेल पहुंचकर छानबीन करने लगे। जिलाधिकारी ने भी जेल पहुंचकर घटना की छानबीन की। सूचना पर डीआईजी जेल भी कारागार पहुंचे।

बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने सब्जी खरीद रहे जिला जेल के प्रधान बंदीरक्षक की गोली मारकर की हत्या | New India Timesजनपद लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र के पुरहिया निगोहा निवासी हरिनारायण त्रिवेदी (56) पुत्र स्व. उमाशंकर त्रिवेदी जेल पुलिस में तैनात थे। प्रतापगढ़ कारागार में उनकी तैनाती वर्ष 2013 में हुई। प्रमोशन मिलने पर वह जेल के हेड वार्डर (प्रधान बंदीरक्षक) बने। दो दिन पहले अवकाश लेकर घर गए थे। गुरुवार की सुबह ही वह ड्यूटी पर लौटे। दोपहर 2.25 बजे वह जेल से काम निपटाकर बाहर निकले। कमरे पर जाने के बाद शाम करीब साढ़े तीन बजे सब्जी लेने के लिए जेल रोड क्रासिंग की ओर पहुंचे। एक ठेले के पास पहुंचकर वह सब्जी लेने लगे। तभी पल्सर सवार दो नकाबपोश बदमाश पहुंचे। बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने असलहा निकालकर हरिनारायण को ताबड़तोड़ तीन गोलियां मार दीं। इसके बाद बदमाश बाइक से खीरीबीर घाट की ओर से कंधई की ओर भाग निकले। गोली लगने से घटनास्थल पर ही हरिनारायण की मौत हो गई।

बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने सब्जी खरीद रहे जिला जेल के प्रधान बंदीरक्षक की गोली मारकर की हत्या | New India Times

सूचना पर पहुंचे जेल चौकी प्रभारी ने लोगों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंचे शहर कोतवाल ने घटनास्थल से खोखा बरामद किया। जेल के हेड वार्डेन की हत्या की खबर मिलते ही एसपी एस आनंद, एएसपी अवनीश मिश्रा, सीओ सदर बबिता सिंह घटनास्थल पर पहुंचीं। जानकारी करने के बाद एसपी बदमाशों के भागने की दिशा में खोजबीन करने के लिए भागे। कुछ देर बाद जेल पहुंचकर छानबीन करने लगे। जिलाधिकारी शंभु कुमार भी जेल पहुंचे। खबर मिलने पर देर शाम डीआईजी जेल भी कारागार पहुंचकर घटना की वजह खंगालते रहे।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version