मेहलक़ा अंसारी, ब्यूरो चीफ बुरहानपुर (मप्र), NIT:

नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश बुरहानपुर (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012) माननीय राजेश नंदेश्वर द्वारा आरोपी प्रकाश (27) पिता जयराम ,निवासी ग्राम गोदरी आमुल्लाखुर्द, थाना खकनार जिला बुरहानपुर को आजीवन सश्रम कारावास (शेष प्राकृत जीवन काल तक) एवं 20000 रूपये का अर्थदण्डके जुर्माने से दंडित किया गया।
प्रकरण की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुये अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी/ विशेष लोक अभियोजक श्री रामलाल रन्धावे ने बताया कि घटना दिनांक 30-09-2015 को नाबालिग अभियुक्त्री शाम को लगभग 5.0 -5.30 बजे, गांव के स्कूल के पास हेण्डपंप पर पानी लेने गयी थी। अभियुक्त ने उसे अकेली देखकर पास बुलाया। अभियुक्त्री अभियुक्त के पास गई। अभियुक्त ने उसका हाथ पकड़ कर कहा कि चिल्लाना मत। नहीं तो जान से खत्म कर देने की धमकी दी एवं अभियुक्त ने अभियोक्त्री को स्कूल के कमरे में ले गया और बोला की कपडे उतार। अभियुक्त्री ने डर के कारण अपनी सलवार उतार दी। अभियुक्त ने उससे कहा की दिल से दिल मिलायेंगे और अभियोक्त्री को ज़मीन पर लिटाकर उसके साथ उसकी मर्ज़ी के बगैर दुष्कर्म किया। फिर अभियुक्त ने कहा की उक्त बात किसी को मत बताना नहीं। नहीं तो मैं तुमको जान से खत्म कर दुंगा। इसके पश्चात अभियोक्त्री के काका आ गए और अभियुक्त वहां से भाग गया। अभियुक्त्री को उसके काका घर लेके गए। अभियुक्त्री ने घटना की जानकारी अपने माता एवं भाई को बतायी। उस समय अभियुक्त्री के पिता बाहर गांव गए थे। उसके पिता को वापस अपने पर उन्हें घटना बताई एवं थाना खकनार में रिपोर्ट दर्ज कराई ।विवेचना पश्चात आरोपी के विरूद्ध भादवि की धारा 376, 506 एवं धारा 3/4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत चालान माननीय न्यायालय में पेश किया।
प्रकरण में सफलता पूर्वक पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक श्री रामलाल रन्धावे द्वारा करते हुए उन्होंने विचारण पश्चात आरोपी को धारा 376(2)(झ) भा.द.स. में आजीवन सश्रम कारावास (शेष प्राकृत जीवन काल तक) एवं 10000 रूपये का अर्थदण्ड, धारा 5 (ड) एवं सहपठित धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में आजीवन सश्रम कारावास एवं 10000 रूपये का अर्थदण्ड से दंडित कराया। समस्त सजाऐं एवं दण्ड एक साथ भुगताए जाने का आदेश न्यायालय द्वारा दिया गया। अति. अभियोजन अधिकारी के विशेष निवेदन पर धारा 357 द.प्र.स. के तहत 18000 रूपये प्रतिकर के रूप में पीड़िता को दिलाए जाने का आदेश न्यायालय द्वारा दिया गया।
