मोहम्मद तारिक, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश की पिछली भाजपा सरकार शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में चले शासन आंकलन करें तो सरकार द्वारा इज़्ज़तदार शहरवासी और ईमानदार अधिकारी कर्मचारियों को विकास, त्वरित कार्यवाहियों हेतू मुख्यमंत्री हेल्पलाईन-181 और यातायात व्यवस्थाएं, संबल योजना, लाडली लक्षमी योजना निकाह योजना, सहित सैकड़ों योजनाओं का सौगात दे गया है और अब कांग्रेस की कमलनाथ के शासन वाली सरकार आ रही है जिसे अब देखना है कि यह प्रदेश वासियों को क्या कुछ दे पाती है।
शहर में तंग बस्तियां और बढ़ती जा रही आबादी और आबादी के साथ-साथ उनकी जीवन के साधन दो पहिया वाहन, चार पहिया वाहन भी बढ़ते जा रहे हैं। भवनों के निर्माण में नगर निगम का उदासीन रवैया, अब लोगों के पास वाहन तो हैं लेकिन पार्किंग के लिए स्थान नहीं! यातायात पुलिस थाना पुलिस शहर के भीतरी मार्गों पर होते ध्यान देता नहीं और आपको हों शिकायत तो पुलिस के हाथ से लाठी छीनो क्योंकि यह आपकी समसस्या है क्योंकि बिना सहयोग के पुलिस कार्य करेगी नहीं। यहां वहां झुंड खड़े शरीफ़ राहगीरों को है कोई परेशानी तो लिखित में देंवे, थाना प्रभारी तय करेंगे कि आवेदन लिया जाए और पावती दी जाये की नहीं और शिकायत लिखी जाये या नहीं। आपके क्षेत्र में गुंडों का है आंतक तो आपको खुलकर सामने आना होगा, पुलिस एफ़आईआर लिख भी ले तो क्या हुआ पुलिस सिर्फ आपकी सुरक्षा के लिए नहीं और भी कई काम होते हैं। चौराहों गली नुक्कड़ से दुरी-चव्वा की आवाज़ अब आनी स्वभाविक है। अब छोटा सा बिना आधार वाला रूआब ऐसे जतायेगा नहीं डरे तो पलक झपकते जन प्रतिनिधी को अपना संरक्षक समझ आवाज़ लगा ज़रूर बुलायेगा। शासकिया निज़ी भूमियों पर क़बज़ा करना कराना अब आसान होगा, हर कोई अब सेटिंग से भूमाफिया होगा।
मानवाधिकार व उनके हितों के संरक्षण हेतू संयुक्त राष्ट्र संघ से सम्बंधता प्राप्त अंतराष्ट्रीय सामाजिक पीस इंडिया एनजीओ के नेशनल पीआरओ एंड स्टेट प्रेसीडेंट मो. तारिक़ ने कहा कि थाना प्रभारी के अधिकार क्षेत्र और अधिकार क्षेत्र के अंदर अवैध पार्किंग होती है और कभी उन पर कोई कार्यवाही नहीं होती है। महीनों महीनों भर गैस किट लगी गाड़ियां खड़ी रहती हैं अगर एक गाड़ी के अंदर आग लग जाए और सारी गाड़ियां वहां खड़ी हुई है जिसमे गैस कट लगे हैं तो आप खुद अंदाजा लगाइए क्या भयावह तस्वीर होगी शहर की। अब अगर मुझे किसी से शिकायत है तो मैं थाने जाऊं, कंट्रोल रूम जाऊं अधिकारियों को बोलूं, अरे भाई नगर निगम सीमा आपके अधिकार क्षेत्र में है, जिला पुलिस प्रशासन आपके अधिकार क्षेत्र में है और आपको इसी बाबत रखा गया है, आप अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करिए श्रीमान, वरना त्यागपत्र दीजिए घर जाइए।
जागो रे जागो ….. जागृत बने एक बनें नेक बनें !
“(अब तो फिर वैचारिक द्वंद हैं)”।
मो. तारिक: स्वतंत्र-लेखक व प्रदेशाध्यक्ष पीस इंडिया (एनजीओ)
