वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर-खीरी में भले ही नवागत महिला पुलिस कप्तान ने कार्यभार संभाल लिया हो पर थाना महिला पुलिस की थाना अध्यक्ष अपने पुराने ढर्रे पर ही चल रही हैं जिससे महिला थाने आने वाली महिला फरियादी को दिन भर थाने में बैठने के बाद कोरा आश्वासन लेकर अपने घर वापस जाना पड़ता है। महिला थाना में सिर्फ न्याय पैसा वालों को ही मिलता है शेष को डांट फटकार कर वापस घुमा दिया जाता है, शायद इनके ऊपर कप्तान व शासन के आदेशों का कोई प्रभाव न पड़ता हो, ऐसा ही एक मामला महिला थाना खीरी में शुक्रवार को प्रकाश में आया है।
मामला थाना पसगवां क्षेत्र के कस्बा बरवर का है। पीड़िता के बताए अनुसार उसकी शादी 9 मई 2013 को बरवर निवासी शोएब खान पुत्र यूनुस खान के साथ हुई थी, जिसके बाद पीड़िता ने एक पुत्री जोया खान को जन्म दिया जो लगभग 4 वर्ष की है। पीड़िता की शादी के तुरन्त बाद से ही पति शोएब, ससुर युनूस व सास सहाना बेगम इजहार, अय्याज सहित अन्य ससुराली जन अतिरिक्त दहेज में फ्रिज, रंगीन टीवी व एक लाख रूपये की मांग करते हुए प्रताड़ित करने लगे। पीड़िता की शादी के तुरंत बाद ही पति, सास, ससुर, देवर और ननद एक राय होकर अतिरिक्त दहेज की मांग करते हुये प्रताड़ित करने लगे। पीड़िता अपने पिता की गरीबी और पुत्री केे खातिर प्रताड़ना सहती हुई घर में रहती रही। घटना दिनांक 6-04-2018 को शाम करीब 4 बजे की है, उपरोक्त विपक्षीगण पीड़िता को गर्भावस्था में मारपीट कर घर से निकाल दिया तथा अतिरिक्त दहेज लिए बगैर वापस आने पर जान से मार देने की धमकी भी दी। पीड़िता ने उसी दिन थाना पसगवां में प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई, जिसके बाद दिनांक 7 मई, 18 मई, 27 मई व 18, 20 नवम्बर 2018 को पुलिस अधीक्षक खीरी व महिला थानाध्यक्ष को भी प्रार्थना पत्र दिया, फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस बीच महिला थाना की प्रभारी निरीक्षक हंसमती द्वारा पीड़िता को कई बार महिला थाना बुलाया गया और आज कल करके केवल आश्वासन देते हुये थाने से चलता कर दिया गया। जब पीड़िता दिनांक 30 नवम्बर 2018 को समय लगभग 11 बजे दिन में महिला थाना पहुंची तो थानाध्यक्ष द्वारा पांच हजार रूपये की मांग करते हुए यह कहा कि इतनी दूर पुलिस बगैर डीजल के कैसे जाएगी? पीड़िता के पैसा देने से मना करने पर डाँट फटकार कर भगा दिया गया। इतनी ही नहीं इस मामले में पत्रकार द्वारा जब हंसमती से बात की गई तो उनके बिगड़े बोल सामने आये, बड़े रौब से थानाध्यक्ष हंसमती बोली कप्तान के यहाँ पेश करा दो, मैं क्या डरती हूं, दौड़ती दौड़ती थक गई है पीड़िता तो मैं क्या करूं, जब वह आपके पास चक्कर लगाएगी तो क्या मैं उसके घर जाऊं,जबकि इन के थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज इस बात का पुख्ता प्रमाण देंगे कि पीड़िता कितनी बार थाना आई और कितनी कितनी देर तक बैठी रही। मात्र पैसा न दे पाने के चलते न्याय नहीं मिला। आहत पीड़िता ने आज नवागत पुलिस अधीक्षक खीरी को अपनी आप बीती सुनाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
