वी.के.त्रिवेदी, लखीमपुर खीरी/लखनऊ (यूपी), NIT:

उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी के कस्बा बरवर का रहने वाला छात्र शारिक हुजैफा लखनऊ के आजाद इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र था जोकि बगला बाजार थाना आशियाना क्षेत्र के अंतर्गत आनंद यादव का रूम किराए पर ले कर रहता था। दीपावली की रात वह अपने बिस्तर पर सोया और उसके बाद जाग न सका। मकान मालिक जब शारिक के लिए दीपावली की मिठाई लेकर गया तब कमरे के दरवाजे अंदर से बंद थे और बुलाने पर अंदर से आवाज भी नहीं आई। मृतक छात्र शारिक के बड़े भाई आकिब सुफियान के मुताबिक जब रात को लखनऊ से फोन आया कि दरवाजे बंद है और शारिक वुलाने पर भी नही वोल रहे तो तत्काल मृतक छात्र शारिक हुजैफा के पिता का बड़ा भाई और एक दोस्त फौरन लखनऊ के लिए रवाना हो गए और वहां जा पहुंचे। जब परिजन वहां पर पहुंचे तो दरवाजे खुले हुए मिले। मालिक से परिजनों ने जानकारी चाही तो कमरे के बारे में तो बताया कि दरवाजा पुलिस द्वारा तुडबाये गए हैं। अब सवालिया निशान तो इस बात पर लग रहा है कि अगर दरवाजे पुलिस द्वारा तुडबाये गये तो उसकी वीडियोग्राफी क्यों नहीं कराई गई? जब परिजनों को जानकारी दी गई तो परिजनों का इंतजार क्यों नहीं किया गया? परिजनों की गैरमौजूदगी में दरवाजे क्यों तोड़बाये गये? परिजनों का कहना है जब हम लोग वहां पर पहुंचे तो दरवाज़े खुले हुए मिले आखिर इसके पीछे रहस्य क्या हो सकता है?
