रहीम शेरानी हिंदुस्तानी, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिले सहित ग्रामीण अंचलों के शिवालयों में मनसा महादेव का व्रत की शुरू आत की व्रत धारीयो ने चार माह प्रति सोमवार शिवालय जाकर भगवान भेलेनाथ की विधी विधान से पूजन सामग्री बिल्व पत्र, पुष्प, और दुध का अभिषेक कर पुजा अर्चना की साथ ही व्रतधारीयो ने चावल, सुपारी, कच्चा धागा(सुत का धागा) के साथ व्रत की शुरू आत कि शिव पार्वती की कथा सुनकर उपवास रखकर इस व्रत का पालन किया उसके बाद प्रति सोमवार को समस्त व्रतधारीयो ने प्रति सोमवार प्रातः से ही भगवान की विधी विधान से पुजा अर्चन कर बाबा भूतेष्वर महादेव की आरती उतारी।
व्रतधारीयो ने लड्डु का भोग लगाकर किया उद्यापन
चार माह से चल रहे मनसा महादेव के व्रत का सोमवार को उद्यापन किया गया। उद्यापन की तैयारी को लेकर रविवार को झाबुआ जिले के झकनावदा के बाजारों में व्रतधारीयों ने पुजा अर्चना और प्रसाद की जमकर खरीददारी की शहर के बाजारों में भी सुबह से ही ग्रामीण क्षैत्र के साथ ही शहर वासियों की भी भारी भीड़ देखी गई साथ ही समस्त मनसा महादेव व्रतधारीयों ने सोमवार सुबह 5 बजे से ही मधुकन्या नदि के तट पर स्थित बाबा भुतेष्वर महादेव के शिवालय पर पहुॅचकर पुजा अर्चना कर व्रतकथा सुनी। इस अवसर पर सुबह से ही भक्तो की भारी भीड शिवालय में जमा हो गई। जिसके बाद समस्त व्रतधारीयो ने मनसा महादेव की विधी अनुसार अपने अपने घर लड्डु की प्रसादी तैयार की व बाबा भुतेष्वर को लड्डु का भेाग लगाकर प्रसादी का वितरण किया। व साथ की उपस्थित महिला श्रीमती वैशाली, श्रीमती मेघना श्रीमती सलोनी, श्रीमती अर्चना, श्रीमती राधिका,श्रीमती सीमा, श्रीमती राधा,आदि महिलाओं से अपनी इच्छानुसार इस व्रत के समापन में इच्छानुसार बाबा भुतेष्वर महादेव से वरदान मांगा। साथ ही इन महिलाओं ने बताया की उक्त लड्डु की प्रसादी रात नही रखते है ! यदि यह प्रसादी रात किसी के घर में रह जाये तो उस घर में नुकसान होने की सम्भावना होती है। झाबुआ जिले के ग्रामीण अंचल के झकनावदा में बाबा भुतेष्वर महादेव की पालकी ने किया नगर भ्रमण बाबा महांकाल ग्रुप के युवाओं द्वारा इस व्रत की समाप्ती पर बाबा भुतेष्वर महादेव मंदिर को शुद्व जल से धोकर साफ सफाई की गई जिसके बाद व्रतधारीयों ने मिलकर बाबा की पालकी सजाई जिसमें बाबा भुतेष्वर महादेव का आकर्षक श्रंगार कर बाबा को पालकी में विराजमान कर नगर के प्रमुख मार्गो से बाबा महाकांल के गगन भेदी जयकारो के साथ नगर भ्रमण करवाया गया। जिसके बाद पालकी को को स्थानिय भुतेष्वर महादेव मंदिर पर ले जाकर चल समारोह का बाबा की महाआरती उतार कर समापन किया गया। एवं महा प्रसादी का वितरण भी किया गया।
