गुलज़ार अहमद, मैनपुरी ( यूपी ), NIT;
कहने को तो हमारा देश और देशवासी काफी तरक्की कर चुके हैं। देश में शिक्षा का प्रतिशत भी काफी बढ चुका है लेकिन फिर भी समाज से दहेज़ की लानत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। आये दिन महिलाओं को प्रताडित कर आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया जाता है और कभी कभी लालची लोग दहेज़ के लिए विवाहिता की जान भी ले लेते हैं। ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में सामने आया है। लगलगभ 6 महीने पहले की गई शादी में दान दहेज लेने के बाद अब कार की मांग शुरू कर दी गयी और मांग पूरी न होने पर विवाहिता को मौत के घाट उतार दिया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक थाना बेवर के ग्राम गढिया छिनकोरा निवासी रफीक मोहम्मद ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुये कहा है कि उसकी 22 वर्षीय बहन रूबीना की शादी विगत 25 सितंबर 2016 को थाना क्षेत्र के ग्राम रूई निवासी मोहम्मद यासिब पुत्र अनवर खां के यहां लाखों रूपये का दान दहेज एवं नकदी देकर की थी। शादी के बाद से ही पति यासिब, ससुर अनवर, जेठ हसरूद्दीन, जेठानी रुखसाना, देवर नसरूद्दीन ने दहेज में कार की मांग करने लगे। उसकी बहन के मना करने पर ससुरालीजन ने उसे आये दिन मारपीट कर प्रताडित करने लगे। कई बार पंचायत करने के बाद भी ससुराली उसे परेशान करते रहे। बीते गुरूवार की रात्रि उसकी बहन को ससुरालियों ने एक योजना बनाकर पीट-पीटकर जान से मार दिया, और शव को घर में छोड़कर फरार हो गये। गांव वालों की सूचना पर जब वह गावं आया तो वहां उसकी बहन का शव बंद मकान में पड़ा मिला। थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
