गणेश मौर्य, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT;
16 सितंबर 2018 को स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पहली मासिक पुण्यतिथी पर टांडा विधायक संजू देवी के कार्यालय आसो में काव्यांजलि का आयोजन किया गया था। इस मौके पर जिले की माटी की खुशबू बिखरी तो हर तरफ से सिर्फ एक ही आवाज गूंजी भाई वाह। यहां मशहूर बांसुरी वादक मुकेश प्रजापति ने बांसुरी की सुरीली आवाज से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुकेश प्रजापति बांसुरी वादक आज देशभर में अपना डंका बजा रहे हैं। वह देश की विभिन्न राज्यों में प्रस्तुतियां दे चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान मुकेश ने अपनी बांसुरी से हिंदी फिल्मों के साथ-साथ भोजपुरी लोकगीत गानों की कई धुन सुनाई,”सखी सैंया जी खूब ही कमात है महंगाई डायन खाए जात है”।
मधुर बांसुरी के लिए भगवान श्रीकृष्ण को हम सब जानते हैं, उनकी बांसुरी की सुरीली तान हर किसी का मन मोह लिया करती थी, पशु-पक्षी, गोपियां, इंसान, देवता तीनों लोकों में उनकी बांसुरी की धुन पसंद की जाती थी। आज हम जिस कृष्णा की बात कर रहे हैं, वह भगवान तो नहीं हैं पर उनकी खूबियां भगवान श्रीकृष्णा की जैसी ही हैं। वह अंबेडकरनगर जिला के कटोखर. पोस्ट हंसवर, तहसील आलापुर, पुत्र जगत नारायण प्रजापति के पुत्र मुकेश प्रजापति, बहुत ही गरीबी से अपने संगीत की शिक्षा ली और संगीत की दुनिया में कदम रखा। वह बांसुरी वादक के साथ साथ कवि और अच्छे चित्रकार भी हैं, पर बांसुरी वादन में माहिर हैं। जब वह बांसुरी की तान शुरू करते हैं तो लोग थम जाते हैं।
मुकेश प्रजापति ने NIT संवाददाता को बताया कि “मेरा शौक है बांसुरी बजाना, संगीता मेरे रोम रोम में बसा हुआ है।”
वह कहीं भी रहते हैं तो बांसुरी की सुरीली तान छेड़ देते हैं। हर समय उनके साथ उनकी बांसुरी ही साथ होती है।
