रहीम हिंदुस्तानी, झाबुआ (मप्र), NIT;
गुरु और शिष्य की परंपरा भारत की संस्कृति का एक अहम और पवित्र हिस्सा है, फीर भी माता-पिता का स्थान कोई नहीं ले सकता क्योंकि वे ही हमें इस खूबसूरत दुनिया में लाते हैं। कहा जाता है कि सबसे पहले हमारे गुरु माता पिता होते हैं। भारत में प्राचीन समय से ही गुरु शिक्षक की परंपरा चली आ रही है। जीने का असली तरीका हमें शिक्षक ही सिखाते हैं। वह सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। उक्त बातों का साक्षात्कार थांदला विकासखंड के बी.आर सी कार्यालय में शिक्षक सम्मान समारोह में देखने को मिला। उक्त आयोजन में थांदला विकासखंड के 28 शिक्षकों का सम्मान किया गया। उक्त आयोजन में विशेष अतिथि के रुप में भाजपा नेत्री श्रीमती सुशीला प्रेम भाभर, वरिष्ठ समाजसेवीका श्रीमती प्रेमलता भट्ट, बीआरसी अधिकारी श्री जोशी, थाना प्रभारी महोदय श्री मीणा, रोटरी क्लब के संरक्षक श्री भरत मिस्त्री रोटरी क्लब अपना के अध्यक्ष श्री महेश प्रजापत एवं रोटरी क्लब के सचिव श्री भूपेंद्र राठोड़,रो कयूम खान की गरिमामय उपस्थिति में आयोजन हुआ कार्यक्रम का श्रीगणेश मां सरस्वती व राधा कृष्ण सर्वपल्ली की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई एवं श्रीमति लक्ष्मी भट द्वरा मां की वंदना प्रस्तुत दी गई।तत्पश्चात सभी अतिथियों ने शिक्षक दिवस की शुभकामना के साथ उद्बोधन प्रस्तुत किए गए। उद्बोधन में भाजपा महिला मोर्चा की जिला प्रभारी श्रीमती सुशीला प्रेम सिंह भाभर ने कहा कि गुरु शिष्य परंपरा भारत की संस्कृति का एक अहम और पवित्र हिस्सा है जिसके कई स्वर्णिम उदाहरण इतिहास में दर्ज हैं। शिक्षक वह माली के समान है जो एक बगीचे को अलग अलग रूप रंग के फूलों से सजाता है।
शिक्षको का हुआ सम्मान
श्री लालू भूरिया ग्राम हरिनगर, श्री प्रदीप ताहेड ग्राम देवका, श्रीमती मीना गणावा ग्राम पिपलीपाड़ा, श्री हितेश पटेल ग्राम सुतरेटि, श्री दिता गरवाल ग्राम जुलवानिया बड़ा, श्री धन्ना अमलियार ग्राम बेदानाका, वास्कले डोडियार खजूरी, श्री जेवियर भूरियामुंजाल, श्रीमती लक्ष्मी भट्ट काकनवानी श्री अनिल निनामा इटावा, श्री जामू डामोर पलाशडोर, श्री बद्रीलाल पाटीदार नवाटपरा, श्री नंदलाल पटेल मकोडिया,श्री किशोर पाटीदार कसाड़ियां, श्री अमर सिंह कटारा नरसिंहपांडा ,श्री गवजी भगोरा नरेला, श्री मनसाराम भूरीघाटी, श्री चंदूभाई पटेल सेमलिया, श्री कैलाश कहार तलवाड़ा, श्री महेशचंद्र भाभर रननी ,जनाब इदरीस खान परवलिया, श्री गंगाराम डामोर रूपगढ़, श्री मनसू रावत मोरझरी, श्रीमती जीवनबाला मुंजाल ,श्री बल्लू मीणा रूपारेल एवं श्रीमती रचना एवं श्रीमती रोशनी का भी सम्मान रोटरी अलंकरण एवं बैस्ट शिक्षक सम्मान के रूप में बाल पेन देकर किया गया। इस अवसर पर आयोजन का कवरेज करने आए मीडिया कर्मियों का भी स्वागत सम्मान रोटरी क्लब अपना द्वारा किया गया।
रोटरी क्लब अपना द्वारा राष्ट्रीय संत प्रभु मिलन तरुण सागर जी महाराज को श्रद्धांजलि दी गई।
शिक्षकों के सम्मान के साथ साथ जीवन में प्रेरणा और कड़वे प्रवचन से जीवन सुधारने वाले देश के प्रेरणा स्त्रोत प्रभु मिलन तरुण सागर जी महाराज को रोटरी क्लब अपना, बीआरसी विभाग एवं समस्त पत्रकारों द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर तरुण सागर जी की प्रेरणादायक बातों को बताया गया व नम आंखों से मोन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
