मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT;
आगामी विधानसभा चुनाव 2018 में पुनः सत्ता हासिल करने की कोशिश के चलते प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा निकाली जा रही “जन आशीर्वाद यात्रा” 5 सितम्बर बुधवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर बुरहानपुर पहुंच रही है। खकनार के रास्ते बुरहानपुर पहुंचने वाली इस जन आर्शिवाद यात्रा में रोड शो के बाद मुख्यमंत्री की जन सभा का आयोजन जयस्तम्भ चौराहे पर रखा गया है। यहां मुख्यमंत्री सभा को सम्बोधित कर जनता जनार्दन से अपने लिए और अपनी पार्टी के लिए आशीर्वाद मांगेंगे। यह वही जगह है, जहां एक ज़माने में भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की ऐतिहासिक सभा हुई थी। बुरहानपुर आगमन के एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री पर हमले के चलते ज़िला प्रशासन जहां प्रदेश के मुखिया की सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्क और चौकन्ना हो गया है वहीं मुख्यमंत्री जहां जहां जाएंगे, वहां के स्थल की एवं आसपास कार्य करने वालों की बारीकी से जांच की जा रही है। जन सभा को लेकर जहां जिला एवं पुलिस प्रशासन और नगर निगम प्रशासन सम्पूर्ण तैयारियों में जुट गया है वहीं राजनैतिक शक्ति परीक्षण की तैयारियां भी अपने शबाब पर हैं। बुरहानपुर विधान सभा क्षेत्र से प्रमुख दावेदारों में वर्तमान विधायिका महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस दीदी ने अपने 10 वर्षो के कार्यकाल को कांग्रेस के 62 सालों के विकास से जोड़कर अपने कार्यो का मुकाबला करते हुए बडे बडे फ्लैक्स होर्डिंग से शहर को सजाकर अपने कार्यो को प्रदर्शित करते हुए एक नंबर पर दावेदारी कर रही हैं ,जबकि सांसद गुट की गुड लिस्ट में एक नंबर के दावेदारों में फेडरेशन अध्यक्ष ज्ञानेश्वर पाटिल, मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड भोपाल के अध्यक्ष प्रोफेसर इमादुद्दीन, वर्तमान महापौर अनिल भोंसले, पूर्व महापौर अतुल पटेल, पूर्व भाजपा अध्यक्ष दिलीप श्राफ के भी नाम सुर्खियों में हैं, जो अपने अपने अंदाज में शक्ति प्रदर्शन को तैयार हैं। वहीं एक नाटकीय घटनाक्रम में और शायद किसी दबाव के चलते हिंदू महासभा के घोषित उम्मीदवार महंत स्वामी पुष्करानंद जी महाराज ने अपना सुर फिल्हाल बदल दिया है और वह भी भाजपा से टिकट की गुहार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के आगमन पर उनके भ्रमण के दौरान और स्टेज पर दावेदारों के नजारे देखने को स्पष्टतः मिलेंगे। मुख्यमंत्री अपने 13 वर्षो के कार्यकाल के बाद पुन: जनता से आशीर्वाद लेकर सत्ता हासिल करना चाहते हैं । भाजपा आलाकमान ने शिवराज सिंह चौहान के विकास के दावे पर उन्ही पर पुनः दाव लगाया है। इस दांव कितना सफलता मिलेगी यह जनता पर ही निर्भर है।
