फ़राज़ अंसारी, बहराइच (यूपी), NIT;
कहावत है कि “छीका फूटा बिल्ली के भाग्य से”, यह कहावत आज योगी आदित्यनाथ सरकार के सभाराज की पुलिस पर एकदम सटीक बैठती दिख रही है। इसे सराहनीय कार्य या खुलासा कहा जाये या महज़ एक संयोग जिसके बल पर जिले की सभाराज पुलिस अपनी पीठ थपथपाती फिर रही है। क्योंकि आज जिस खुलासे के बल पर जिले की नानपारा पुलिस फूले नहीं समा रही है दरअस्ल उसके अपराधी महज़ एक संयोग से ही पुलिस के हत्थे चढ़ सके हैं। अगर बात लूटकाण्ड में पुलिसिया तफ्तीश और उसके पैने पन कि की जाये तो यह कहना गलत नहीं होगा कि इस मामले में नानपारा पुलिस बिल्कुल फिसड्डी ही साबित हूई क्योंकि पुलिस की प्रेस रिलीज के हिसाब से ही अगर देखा जाये तो चार माह से लगातार मामले का पर्दाफाश करने की जद्दोजहद करने वाली मित्र पुलिस आखिर क्यों किसी बेहतर नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, यह सवाल अब भी बना हुआ है। लेकिन कहते हैं कि अंत भला तो सब भला कुछ इसी तरह भले ही किसी दूसरी घटना को अंजाम देने की कोशिश के दौरान नाकाम होने पर अपनी बाइक वहीं छोड़ भागे यह शातिर आखिरकर पुलिस के हत्थे चढ़ तो गये हालांकि लूटकाण्ड का मास्टरमाइंड अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर ही है और मास्टरमाइंड का अब तक न पकड़ा जाना सभाराज की नानपारा पुलिस की लूटकाण्ड के अपराधियों को पकड़ने और घटना का पर्दाफाश किये जाने वाली जी तोड़ मेहनत की दास्तां खुद-ब-खुद बयां कर रहा है।
बॉर्डर से सटे थाना नानपारा इलाके की पुलिस ने 4 महीने पहले हुए सर्राफा व्यापारी से लूटकांड का रविवार को पुलिस ने सफलता पूर्वक खुलासा कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस लूटकांड में शामिल दो लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि लूट का मास्टरमाइंड और कुख्यात अपराधी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। बताया जा रहा है की मास्टरमाइंड के पडोसी देश नेपाल में छिपे होने की संभावना है जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस को लगभग 50 हज़ार नगदी, लूटा हुआ मोबाइल फोन और गहने बरामद हुए हैं।
बताते चलें कि भारत नेपाल की खुली सीमा होने के कारण अपराधियों के लिए यह जिला वरदान साबित हो रहा है। अपराधी यहाँ वारदातों को अंजाम देकर आसानी से सीमा पार कर पड़ोसी राष्ट्र नेपाल भाग जाते हैं। जिससे उनको पकड़ने में पुलिस को दुश्वारियों का सामना करना पडता है। ऐसा ही कुछ उस वक़्त देखने को मिला जब पुलिस ने अप्रैल माह में सर्राफ व्यापारी से हुई लूटकांड का खुलासा किया।
जानकारी के मुताबिक बीती 22 अप्रैल को नानपारा के गुरघुट्टा बाज़ार से कसबे के रस्ते में एक एक सर्राफ व्यापारी को लूट लिया गया। खुलासे में पता चला की घटना को अंजाम देने के बाद से सभी लुटेरे पडोसी देश नेपाल भाग गए थे और चार महीने तक वही शरण ले राखी थी। बीते बुधवार को उनमें से दो अपराधियों ने एक और व्यापारी को लूटने की कोशिश की जिसमें नाकाम हो गए और घटना स्थल पर बाइक छोड़कर भागना पड़ा। तहकीकात में जब दोनों को पकड़ा गया तो पिछली लूट का भी खुलासा हुआ। लूट का मास्टरमाइंड कहा जाने वाला राजू नेपाली अभी भी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है की वो भी नेपाल देश में कही शरण लिए हुए। फिल्हाल पुलिस पकडे गए दोनों आरोपियों को जेल के लिए रवाना कर दिया है।
