अविनाश द्विवेदी/शेरा मिश्रा, कटनी (मप्र), NIT;
एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक क्षमता को विपरीत रुप से प्रभावित करती है। इससे खून में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है। लाल रक्त कोशिकाओं में मिलने वाला हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न भागों में पहुंचाता है। एनीमिया मुख्यताः आयरन की कमी से होता है। एनीमिया आयरन युक्त आहार और आयरन फोलिक एसिड से दूर किया जा सकता है। इस आशय की जानकारी गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त रुप से संपन्न किशोरी बालिका योजना की जिलास्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रतिभा पाण्डेय, सीएमएचओ डॉ. निगम, सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ एवं सुपरवाईजर उपस्थित थे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय ने बताया कि भारत सरकार द्वारा किशोरी बालिका योजना शुरु की जा रही है। जिसमें किशोरी बालिकाओं में एनीमिया की कमी दूर करने के उपायों पर फोकस किया जा रहा है। कार्यशाला में एनीमिया की रोकथाम के लिये जीवन चक्र आधारित रणनीति नेशनल आयरन प्लस इनिशिएटिव कार्यक्रम, एनीमिया क्या है, उसके लक्षण, हितग्राही समूह और निर्धारित आयरन फोलिक एसिड की खुराक, एल्बेन्डाजोल की खुराक, आयरन युक्त आहार और रिर्पोटिंग प्रणाली की विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।
