कासिम खलील, बुलढाणा(महाराष्ट्र),NIT;
जिले के ज्ञानगंगा अभयारण्य में आज दोपहर 12 बजे के करीब भयानक आग लग गई थी, जिसमें तकरीबन 60 हेक्टर जंगल जल कर नष्ट हो गया है। आग लगने का मूल कारण अभी सामने नहीं आया है। वन्यजीव विभाग ने कड़ी मेहनत से इस आग को पूरी तरह बुझा दिया है। बुलढाणा जिले के बीचोबीच ज्ञानगंगा अभयारण्य है जो बुलढाणा, चिखली, मोताला एंव खामगांव तहसीलों में करीब 205 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। आज इस अभयारण्य की खामगांव रेंज अंतर्गत बोथा-2 बीट के बोरबंद जलाशय के पास से आग आरंभ हुई और देखते ही देखते जंगल की सूखी घास, पेड़ पौधे इसकी चपेट में आते चले गए। यह आग खामगांव रेंज से शुरू होकर बुलढाणा रेंज की उत्तर देव्हारी बीट तक फ़ैल गई और करीब 60 हेक्टर के इलाके को नष्ट कर दिया। वन्यजीव विभाग को घटना की जानकारी मिलते ही एसीएफ वसन्त साबले, खामगांव आरएफओ गजानन भगत वन कर्मी एंव वन मजदूरों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और कई घण्टों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पाया किन्तु तबतक जंगल को काफी नुकसान पहुंच चुका था। धुप में तेजी आने के कारण अभयारण्य का घास पूरी तरह से सुख गया है और ऐसे में आग की चिंगारी बड़ी हानि पहुंचाने का काम करती है।
बरसात खत्म होने के बाद शीतकाल में जंगल की सुरक्षा के लिए कुछ हिस्सों में घास के पट्टे काटना अनिवार्य है ताकि यदि आग लगती है तो कुछ ही हिस्सा जलेगा और बिच में काटे गए पट्टों के कारण आग आगे नही बढ़ पाती लेकिन पता चला है कि खामगांव रेंज ने अपने कार्यक्षेत्र के अभयारण्य में घास के पट्टे अब तक काटे ही नहीं हैं और यही कारण है कि आज लगी आग ने जंगल को काफी नुक्सान पहुंचा दिया है। अब ज़रूरी हो गया है कि तत्काल अभयारण्य में घास के पट्टे काटे जाएं।
